भागलपुर जिले में गंगा के उफान से बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। जिले की 86 से अधिक पंचायतें बाढ़ से प्रभावित हैं। ऐसे मुश्किल हालात में जिला प्रशासन की तत्परता और मानवीय पहल बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत का बड़ा सहारा बनी हुई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश और जिलाधिकारी के नेतृत्व में प्रभावित प्रखंडों और पंचायतों में राहत कार्य लगातार चलाए जा रहे हैं।
बाढ़ के बीच भागलपुर के शाहकुंड प्रखंड से सामने आई एक तस्वीर लोगों का ध्यान खींच रही है। यहां अंचलाधिकारी हर्षा कोमल खुद बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों के बीच राहत सामग्री का वितरण कर रही हैं। जिन इलाकों तक सामान्य वाहन नहीं पहुंच पा रहे हैं, वहां भी वे पीछे नहीं हट रही हैं।
ट्रैक्टर के जरिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने के साथ-साथ कई जगहों पर कमर भर पानी के बीच जाकर भी राहत सामग्री लोगों तक पहुंचाई जा रही है। अंचलाधिकारी अपने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ प्रभावित पंचायतों और गांवों का लगातार दौरा कर रही हैं।
शाहकुंड प्रखंड में खुलनी, पैरडो मोमिन्या माल, बेलथू, खैरा, मकंदपुर और दरियापुर पंचायत बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित बताई जा रही हैं। इन पंचायतों के गांवों में प्रशासन की टीम लगातार पहुंच रही है और जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
अंचलाधिकारी हर्षा कोमल खुद प्रभावित इलाकों में जाकर स्थिति का जायजा लेने के साथ बाढ़ पीड़ितों तक राहत सामग्री पहुंचा रही हैं। उनका यह प्रयास प्रशासनिक जिम्मेदारी के साथ मानवीय संवेदना की तस्वीर भी पेश कर रहा है।
वहीं, शाहकुंड प्रखंड के बाढ़ पीड़ित भी अंचलाधिकारी और प्रशासन की इस पहल से प्रभावित नजर आ रहे हैं। बाढ़ की मुश्किल परिस्थितियों के बीच अधिकारियों का घर-घर पहुंचकर मदद करना लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो रहा है।






