भागलपुर के सबौर में बाढ़ प्रभावित लोगों की परेशानी अब प्रशासनिक कार्यालयों तक पहुंच गई है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की बड़ी संख्या में महिलाएं जीआर राशि और राशन की मांग को लेकर सबौर अंचल कार्यालय पहुंचीं। महिलाओं की संख्या अधिक होने के कारण कुछ देर के लिए कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई। महिलाओं ने अपनी समस्याओं को लेकर अंचल अधिकारी का घेराव किया और जल्द राहत उपलब्ध कराने की मांग की।
बाढ़ प्रभावित महिलाओं का कहना था कि बाढ़ के कारण उनके घरों में पानी घुस गया है। इससे परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह प्रभावित हो गई है। कई परिवारों के सामने भोजन और जरूरी सामान की समस्या उत्पन्न हो गई है। महिलाओं का आरोप है कि बाढ़ प्रभावित सभी परिवारों तक अब तक सरकारी राहत का लाभ नहीं पहुंच पाया है।
महिलाओं ने कहा कि बाढ़ के दौरान मिलने वाली जीआर राशि यानी अनुग्रह सहायता राशि और राशन उनके लिए बेहद जरूरी है। उनका कहना था कि वे लगातार संबंधित अधिकारियों से राहत की गुहार लगा रही हैं, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं हो पाया। इसी वजह से मजबूर होकर बड़ी संख्या में महिलाओं को सामूहिक रूप से अंचल कार्यालय पहुंचकर अपनी आवाज उठानी पड़ी।
महिलाओं के प्रदर्शन के बाद अंचल अधिकारी ने उनकी समस्याओं को सुना। अधिकारियों ने संबंधित मामलों की जानकारी लेने और पात्र लाभुकों तक सरकारी सहायता पहुंचाने का आश्वासन दिया। साथ ही बाढ़ प्रभावित परिवारों की सूची और राहत वितरण की स्थिति की जांच करने की बात कही गई।
महिलाओं ने प्रशासन से मांग की कि जीआर राशि, राशन और अन्य राहत सामग्री का पारदर्शी तरीके से वितरण कराया जाए, ताकि बाढ़ से प्रभावित गरीब परिवारों को समय पर राहत मिल सके। महिलाओं के इस प्रदर्शन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत व्यवस्था को लेकर प्रशासन के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।






