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भागलपुर
Sports
राज्यसभा चुनाव में RJD की रणनीति फेल, 4 विधायकों की अनुपस्थिति से तेजस्वी का समीकरण बिगड़ा
बिहार राज्यसभा चुनाव को लेकर इस बार सियासी समीकरण काफी दिलचस्प रहे। विपक्ष के नेता Tejashwi Yadav ने सीमित विधायकों के बावजूद चुनावी मैदान में उतरकर मजबूत राजनीतिक रणनीति दिखाने की कोशिश की, लेकिन अंतिम समय में विधायकों की अनुपस्थिति ने उनकी पूरी गणित बिगाड़ दी।
दरअसल, Rashtriya Janata Dal के पास बिहार विधानसभा में केवल 25 विधायक थे, जबकि राज्यसभा का एक सदस्य जिताने के लिए कम से कम 41 विधायकों के वोट की जरूरत होती है। इसके बावजूद Tejashwi Yadav ने चुनाव लड़ने का फैसला लिया और अपने पूर्व राज्यसभा सांसद A. D. Singh को पार्टी का उम्मीदवार बनाया।
चुनाव के दौरान तेजस्वी यादव ने विपक्षी दलों के बीच तालमेल बनाने की कोशिश की। उन्होंने Indian National Congress, वाम दलों, All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen सहित अन्य दलों से समर्थन जुटाने का प्रयास किया। राजनीतिक प्रयासों का असर भी दिखा और कुल मिलाकर उनके उम्मीदवार के पक्ष में 37 वोट जुट गए।
हालांकि, चुनाव के अंतिम चरण में स्थिति बदल गई। राजद के एक विधायक फैसल रहमान और कांग्रेस के तीन विधायक मतदान के दौरान अनुपस्थित हो गए। इस तरह कुल चार विधायकों के वोट नहीं पड़ सके, जिससे पूरा समीकरण बिगड़ गया। अगर ये चारों विधायक मतदान करते तो कुल मतों की संख्या 41 तक पहुंच सकती थी, जो जीत के लिए जरूरी आंकड़ा माना जा रहा था।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस चुनाव में तेजस्वी यादव ने सीमित संसाधनों और कम विधायकों के बावजूद मजबूत रणनीति बनाकर मुकाबला करने की कोशिश की। लेकिन अंतिम समय में सहयोगी दलों के कुछ विधायकों की अनुपस्थिति ने उनकी योजना को झटका दे दिया।
चुनाव परिणाम आने के बाद सियासी हलकों में यह चर्चा तेज हो गई है कि विपक्ष के भीतर समन्वय की कमी और अंतिम समय की राजनीतिक परिस्थितियों ने परिणाम को प्रभावित किया। वहीं, यह भी कहा जा रहा है कि इस चुनाव ने बिहार की राजनीति में विपक्षी एकता की चुनौतियों को एक बार फिर सामने ला दिया है।
Fitness
JLNMCH में कैंसर जागरूकता शिविर का आयोजन, समय पर जांच और सही जानकारी से कैंसर पर काबू संभव: BCCO
भागलपुर में कैंसर के बढ़ते खतरे के बीच सोमवार को जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (JLNMCH) परिसर में एक उम्मीद की किरण दिखाई दी। बिहार कैंसर केयर ऑर्गनाइजेशन (BCCO) और JLNMCH के संयुक्त तत्वावधान में कैंसर जन-जागरूकता, परामर्श और प्राथमिक जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में शहर के कई नामचीन चिकित्सकों और विशेषज्ञों ने भाग लिया और कैंसर से बचाव व समय पर इलाज को लेकर लोगों को जागरूक किया।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने कैंसर से संबंधित जानकारी प्राप्त की और विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लिया। शिविर में उपस्थित डॉक्टरों ने बताया कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए समय पर जांच और सही जानकारी बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए BCCO के चेयरमैन नवीन झा ने संस्था के भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल कैंसर का इलाज करना नहीं, बल्कि इसे शुरुआती चरण में ही पहचान कर रोकना है। उन्होंने कहा कि कैंसर का नाम सुनते ही लोग घबरा जाते हैं, लेकिन सही जानकारी और समय पर जांच से इस बीमारी को हराया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि BCCO कैंसर के इलाज को सस्ता और सुलभ बनाने के साथ-साथ मरीजों को आर्थिक और भावनात्मक सहयोग देने के लिए भी प्रतिबद्ध है। इसके अलावा संस्था अब केवल शहरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि बिहार के सभी 38 जिलों में पंचायत स्तर तक अपना नेटवर्क तैयार करेगी।
नवीन झा ने कहा कि इस नेटवर्क के माध्यम से गांव से लेकर राजधानी पटना और दिल्ली तक मरीजों को सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर, सोशल मीडिया अभियान और वॉलंटियर्स का एक मजबूत नेटवर्क तैयार किया जा रहा है, ताकि किसी भी गांव का मरीज इलाज के लिए भटकने को मजबूर न हो।
इस मौके पर JLNMCH के कई वरिष्ठ चिकित्सकों और पदाधिकारियों ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कैंसर की प्राथमिक जांच को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए BCCO की इस पहल को समाज के लिए सराहनीय बताया।
कार्यक्रम के अंत में BCCO ने लोगों से अपील की कि कैंसर से डरने की बजाय सही जानकारी और समय पर जांच के जरिए इस बीमारी से लड़ने का संकल्प लें। संस्था ने भरोसा दिलाया कि हर कदम पर मरीजों के साथ खड़ी रहेगी।





