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बिहार लोक सेवा आयोग ने जारी किया 72वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा 2026 का नोटिफिकेशन, 1230 पदों पर भर्ती
पटना: बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने एकीकृत 72वीं संयुक्त (प्रारंभिक) प्रतियोगिता परीक्षा (CCE) 2026 का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती अभियान के तहत राज्य के विभिन्न विभागों में कुल 1,230 पदों पर योग्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति की जाएगी। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।
बीपीएससी द्वारा जारी सूचना के अनुसार, इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 7 मई 2026 से शुरू होगी। इच्छुक उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 मई 2026 निर्धारित की गई है। ऐसे में अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते अपना आवेदन पत्र जमा कर दें।
शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा
आवेदन करने के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से स्नातक (ग्रेजुएशन) की डिग्री होना अनिवार्य है। वहीं आयु सीमा की बात करें तो न्यूनतम आयु 20 से 22 वर्ष (पद के अनुसार) तय की गई है। अधिकतम आयु अनारक्षित वर्ग (पुरुष) के लिए 37 वर्ष, अनारक्षित (महिला), पिछड़ा वर्ग और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 40 वर्ष तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए 42 वर्ष निर्धारित है। आयु की गणना 1 अगस्त 2026 के आधार पर की जाएगी।
चयन प्रक्रिया और वेतनमान
उम्मीदवारों का चयन प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य (लिखित) परीक्षा, साक्षात्कार, स्वास्थ्य जांच और अंतिम मेरिट सूची के आधार पर किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों को लेवल-9 के अनुसार आकर्षक मासिक वेतन दिया जाएगा।
आवेदन शुल्क
सभी वर्गों के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 100 रुपये निर्धारित किया गया है। हालांकि, जो अभ्यर्थी आवेदन में आधार संख्या नहीं देंगे, उन्हें प्रत्येक परीक्षा के लिए 200 रुपये अतिरिक्त बायोमेट्रिक शुल्क देना होगा।
अधिक जानकारी के लिए उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे बीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर विस्तृत अधिसूचना अवश्य पढ़ें।
Fitness
नवगछिया अस्पताल में बड़ी लापरवाही घायल तड़पते रहे, डॉक्टर खेलते रहे क्रिकेट
भागलपुर के नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल में एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां इमरजेंसी वार्ड में घायल मरीज तड़पते रहे और ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर अस्पताल परिसर में क्रिकेट खेलते नजर आए।
मामला उस समय का है जब सड़क दुर्घटना में घायल छह लोगों को आनन-फानन में अस्पताल लाया गया। इनमें से पांच की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही थी और उन्हें तत्काल चिकित्सकीय सहायता की जरूरत थी। लेकिन आरोप है कि इमरजेंसी में मौजूद चिकित्सक डॉ. अफजल हुसैन उस वक्त मरीजों का इलाज करने के बजाय बच्चों के साथ क्रिकेट खेलने में व्यस्त थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डॉक्टर ने इलाज की जिम्मेदारी अन्य स्टाफ को सौंप दी और खुद मौके से हट गए। इस दौरान गंभीर रूप से घायल मरीज दर्द से कराहते रहे और समय पर समुचित इलाज नहीं मिल सका। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। संबंधित चिकित्सक पर पहले भी ड्यूटी के दौरान लापरवाही और अनुपस्थिति के आरोप लग चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे साफ है कि जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के कारण ऐसी घटनाएं लगातार दोहराई जा रही हैं।
अस्पताल की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि यहां अक्सर गंभीर मरीजों को “सुविधा नहीं है” कहकर रेफर कर दिया जाता है। वहीं, अस्पताल परिसर के बाहर सक्रिय दलालों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है, जो मरीजों को निजी अस्पतालों की ओर मोड़ने का काम करते हैं।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। नागरिकों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो सके।





