Politics
Natinol
नीतीश कुमार को मिली Z+ सुरक्षा, दिल्ली में नया सरकारी आवास अलॉट
नीतीश कुमार को मिली Z+ सुरक्षा, दिल्ली में नया सरकारी आवास अलॉट
जैकलीन फर्नांडिस बनेंगी सरकारी गवाह? सुकेश मनी लॉन्ड्रिंग केस में बड़ा मोड़
जैकलीन फर्नांडिस बनेंगी सरकारी गवाह? सुकेश मनी लॉन्ड्रिंग केस में बड़ा मोड़
CM आवास पर जनता दरबार—मुख्यमंत्री सम्राट ने खुद सुनी जनता की फरियाद, सख्त सुरक्षा के बीच मिल रही एंट्री
CM आवास पर जनता दरबार—मुख्यमंत्री सम्राट ने खुद सुनी जनता की फरियाद, सख्त सुरक्षा के बीच मिल रही एंट्री
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को जान से मारने की धमकी, आरोपी गुजरात से गिरफ्तार
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को जान से मारने की धमकी, आरोपी गुजरात से गिरफ्तार
युद्ध के बीच भारत में फंसी विदेशी म्यूजिशियन, बिहार की संस्कृति ने जीता दिल
युद्ध के बीच भारत में फंसी विदेशी म्यूजिशियन, बिहार की संस्कृति ने जीता दिल
भागलपुर
Sports
सहरसा में पंचायत सचिवों का जोरदार प्रदर्शन, मांगें पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
सहरसा में शुक्रवार को बिहार राज्य पंचायत सचिव संघ (जिला शाखा सहरसा) के बैनर तले पंचायत सचिवों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान सचिवों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की और चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
यह कार्यक्रम संघ के जिलाध्यक्ष अक्षय कुमार के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें जिले भर से बड़ी संख्या में पंचायत सचिव शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान सचिवों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की अपील की।
संघ द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि 17 अप्रैल 2026 को राज्यव्यापी आह्वान के तहत बिहार के सभी जिलों में पंचायत सचिव धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी क्रम में सहरसा में भी यह आंदोलन आयोजित किया गया है।
पंचायत सचिवों ने अपने ज्ञापन में सात सूत्री मांगें रखीं। इनमें प्रमुख रूप से अंतरजिला स्थानांतरण की व्यवस्था लागू करने, शैक्षणिक योग्यता के आधार पर पदनाम बदलकर GPRO करने, ग्रेड पे 2000 से बढ़ाकर 4200 करने, परिवहन भत्ता लागू करने, बीपीआरओ पद पर प्रोन्नति में 55 वर्ष की आयु सीमा समाप्त करने और ACP/MACP का लाभ देने जैसी मांगें शामिल हैं।
इसके अलावा सचिवों ने पंचायती राज विभाग द्वारा पूर्व में जारी आदेशों के अनुपालन को सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई है। उनका कहना है कि कई महत्वपूर्ण आदेश अब तक जमीन पर लागू नहीं किए गए हैं, जिससे कर्मचारियों को परेशानी हो रही है।
धरना के दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि अगर सरकार उनकी मांगों को नजरअंदाज करती है तो यह आंदोलन यहीं नहीं रुकेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में हड़ताल अनवरत जारी रहेगी और इसे और व्यापक रूप दिया जाएगा।
फिलहाल प्रशासन को ज्ञापन सौंप दिया गया है और सचिवों को अब सरकार के निर्णय का इंतजार है। वहीं इस प्रदर्शन के बाद जिले में प्रशासनिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है।
Fitness
गोपालगंज में महिला को रसेल वाइपर ने डसा, साहस दिखाकर सांप को झोले में डाल अस्पताल पहुंची
बिहार के गोपालगंज जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला को बेहद जहरीले सांप ने डस लिया, लेकिन उसने घबराने के बजाय अद्भुत साहस का परिचय दिया। महिला ने सांप को पकड़कर झोले में डाला और सीधे अस्पताल पहुंच गई।
घटना उस समय की है जब महिला अपने घर में खाना बना रही थी। तभी छिपकर बैठे सांप ने अचानक उस पर हमला कर दिया और उसे डस लिया। सांप का जहर इतना खतरनाक था कि महिला कुछ ही मिनटों में बेहोश हो गई। बावजूद इसके, उसने हिम्मत नहीं हारी और सांप को पकड़कर झोले में बंद कर लिया। परिजनों ने शोर सुनकर तुरंत स्थिति को समझा और महिला को लेकर अस्पताल पहुंचे।
अस्पताल पहुंचने पर जब डॉक्टरों ने पूछा कि किस सांप ने काटा है, तो परिजनों ने झोले में बंद सांप को दिखा दिया। सांप को देखते ही अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। डॉक्टर और स्टाफ कुछ देर के लिए असहज हो गए, लेकिन बाद में स्थिति को संभाला गया।
जांच में पता चला कि यह सांप रसेल वाइपर था, जो भारत के सबसे खतरनाक ‘बिग फोर’ सांपों में शामिल है। इसका जहर हीमोटॉक्सिक होता है, जो खून को जमाने लगता है और किडनी सहित कई अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है। सांप ने महिला के पैर में डसा था।
इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर रणधीर कुमार ने तुरंत महिला का इलाज शुरू किया और उसे एंटी-वेनम की डोज दी गई। फिलहाल महिला की स्थिति सामान्य बताई जा रही है और उसे 24 घंटे की निगरानी में रखा गया है।
डॉक्टरों का कहना है कि समय पर अस्पताल पहुंचने की वजह से महिला की जान बच गई। अगर वह झाड़-फूंक या अंधविश्वास में पड़ जाती, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। यह घटना इस बात का उदाहरण है कि सर्पदंश के मामले में तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना ही सबसे सुरक्षित और सही कदम है।





