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सहरसा में दिल दहला देने वाली वारदात: पुरानी रंजिश में 8 साल के मासूम की हत्या, पड़ोसी पर आरोप
सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां पुरानी रंजिश के चलते एक 8 वर्षीय मासूम बच्चे की बेरहमी से हत्या कर दी गई। घटना सिटानाबाद गांव की है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
मृतक की पहचान सिटानाबाद दक्षिणी पंचायत अंतर्गत पठान टोला वार्ड नंबर 7 निवासी मो. जियाउद्दीन के पुत्र मो. ओबेश के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि रविवार की देर शाम ओबेश अपने घर के पास स्थित एक बगीचे में खेल रहा था। उसी दौरान पड़ोस में रहने वाले व्यक्ति ने पुरानी दुश्मनी को लेकर उस पर तेज धारदार हथियार ‘कछिया’ से हमला कर दिया।
हमले में बच्चे के गर्दन पर गंभीर चोट आई, जिससे वह मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़ा। आसपास मौजूद लोगों ने आनन-फानन में घायल बच्चे को सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है।
बताया जाता है कि मृतक ओबेश अपने माता-पिता की पांच संतानों में सबसे छोटा था। उसके पिता मो. जियाउद्दीन प्रदेश में कपड़े सिलाई का काम कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। बेटे की मौत से परिवार पूरी तरह टूट चुका है।
मृतक की मां सकीना खातून ने पड़ोसी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी रंजिश में उनके मासूम बेटे की जान ले ली गई। उन्होंने प्रशासन से आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग की है।
वहीं, सिमरी बख्तियारपुर के एसडीपीओ मुकेश कुमार ठाकुर ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। एफएसएल टीम को भी मौके पर बुलाया गया है, जो साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुटी है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। इस घटना ने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
Fitness
अमरपुर में स्वास्थ्य उपकेंद्र की जमीन पर बवाल, पंचायत भवन निर्माण के विरोध में सर्वदलीय धरना
भागलपुर जिले के बिहपुर प्रखंड अंतर्गत अमरपुर गांव में स्वास्थ्य उपकेंद्र की जमीन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। रविवार को ग्रामीणों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने एकजुट होकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। आरोप है कि स्वास्थ्य उपकेंद्र के लिए दान की गई जमीन पर बिना एनओसी पंचायत सरकार भवन का निर्माण कराया जा रहा है, जिसे लेकर लोगों में भारी आक्रोश है।
धरना की अध्यक्षता राजीव सनगही ने की, जबकि संचालन रौशन सनगही द्वारा किया गया। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में जुटे ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 1960 में गांव के लोगों ने स्वास्थ्य सुविधा के विस्तार के लिए बिहार के राज्यपाल के नाम एक एकड़ 82 डिसमील जमीन दान दी थी। अब उसी जमीन का उपयोग किसी अन्य निर्माण के लिए किया जाना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि ग्रामीणों की भावनाओं के साथ भी खिलवाड़ है।
प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि उन्हें विकास कार्यों से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन अस्पताल की जमीन पर किसी अन्य भवन का निर्माण किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों ने अधिकारियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब प्रशासन दावा करता है कि जमीन अतिक्रमित नहीं है, तो फिर निर्माण से संबंधित पत्र क्यों जारी किया गया।
धरना के दौरान वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को प्रखंड से जिला और राज्य स्तर तक चरणबद्ध तरीके से तेज किया जाएगा। साथ ही, स्वास्थ्य उपकेंद्र की जमीन का सीमांकन कर उसे अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग भी उठाई गई।
बताया गया कि यह उपकेंद्र आसपास की तीन से चार पंचायतों के लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है। ऐसे में यहां किसी अन्य निर्माण से क्षेत्र की चिकित्सा व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।
धरना को संबोधित करते हुए भाजपा नेता विपुल चौधरी उर्फ दल्लू चौधरी ने भावुक बयान देते हुए कहा कि “अस्पताल यहां से नहीं जाएगा, अगर ऐसा हुआ तो मैं आत्मदाह कर लूंगा।” उनके इस बयान के बाद माहौल और अधिक संवेदनशील हो गया।
फिलहाल, अमरपुर की जनता की नजरें प्रशासन पर टिकी हैं। अब देखना होगा कि इस विवाद का समाधान कितनी जल्दी निकलता है।





