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भागलपुर
Sports
भागलपुर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की पोल खोल! करोड़ों खर्च, स्मार्ट टॉयलेट बंद… शहरवासी पूछ रहे—आखिर कब बनेगा भागलपुर “स्मार्ट”?
भागलपुर को स्मार्ट सिटी बनाने का सपना शहरवासियों को कई साल पहले दिखाया गया था। सरकार और प्रशासन ने दावे किए कि शहर को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा, लोगों को बेहतर सुविधा मिलेगी और भागलपुर एक मॉडल शहर के रूप में विकसित होगा। लेकिन आज ground reality बिल्कुल उलट दिखाई देती है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर दिए गए, पर शहर अभी भी “स्मार्ट” बनने से कोसों दूर है।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के महत्वपूर्ण हिस्सों में से एक था—स्मार्ट टॉयलेट का निर्माण। शहर के व्यस्त इलाकों, भीड़-भाड़ वाले बाजारों और मुख्य सड़कों पर इन टॉयलेट को इस उद्देश्य से बनाया गया था कि आम जनता, खासकर महिलाओं को यात्रा और बाजार के दौरान सुविधा मिल सके। लेकिन विडंबना यह है कि भागलपुर में बनाए गए एक भी स्मार्ट टॉयलेट को अब तक चालू नहीं किया गया।
लाखों की लागत से तैयार ये टॉयलेट महीनों से बंद पड़े हैं। संचालन शुरू न होने के कारण कई टॉयलेट अब खराब होने लगे हैं, दरवाजे टूट चुके हैं, मशीनें जाम हो गई हैं, और जगह-जगह गंदगी दिखाई दे रही है। इससे न केवल सरकारी धन की बर्बादी हुई है बल्कि उद्देश्य भी पूरी तरह विफल हो गया है।
महिलाएं सबसे ज्यादा परेशानी झेल रही हैं। बाजार क्षेत्र में टॉयलेट सुविधा नहीं मिलने के कारण उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ता है। कई महिलाएं कहती हैं कि अगर सुविधा शुरू नहीं करनी थी तो इतनी लागत लगाकर टॉयलेट बनाए ही क्यों गए?
उधर वार्ड पार्षद संजय सिन्हा ने भी स्मार्ट सिटी के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि भागलपुर स्मार्ट सिटी के नाम पर सिर्फ “लूट” मची है। वे बताते हैं कि कई बार शिकायत सदन में मुद्दा उठाया गया, लेकिन अधिकारियों पर इसका कोई असर नहीं हुआ। न तो जवाब मिलता है, न कार्रवाई होती है, और न ही प्रोजेक्ट आगे बढ़ता है।
शहरवासी अब सवाल उठा रहे हैं—
“हमारा पैसा आखिर जा कहां रहा है?”
“करोड़ों की योजनाएँ कागज पर ही क्यों अटकी हैं?”
“भागलपुर कब वास्तव में स्मार्ट बनेगा?”
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की धीमी रफ्तार, जिम्मेदारों की लापरवाही और संसाधनों की बर्बादी को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है। शहरवासी चाहते हैं कि सरकार और प्रशासन जवाबदेह बने और भागलपुर को वाकई में स्मार्ट बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं—वरना यह सपना सिर्फ सपना ही रह जाएगा।
Fitness
भागलपुर में पहली बार आयोजित हुई बिहार सीनियर स्टेट बास्केटबॉल प्रतियोगिता, 400 से अधिक खिलाड़ी ले रहे हिस्सा
भागलपुर में खेल प्रेमियों के लिए गर्व का क्षण तब आया जब पहली बार बिहार राज्य सीनियर स्टेट बास्केटबॉल प्रतियोगिता का आगाज सैंडीस कम्पाउंड स्थित बास्केटबॉल कोर्ट पर किया गया। यह प्रतियोगिता आज से शुरू होकर 10 दिसंबर तक आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रदेश भर से आए खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
प्रतियोगिता का उद्घाटन सैंडीस के प्रांगण में एमएलसी एन. के. यादव द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉक्टर प्रीति शेखर तथा खेल पदाधिकारी मौजूद रहे। उद्घाटन समारोह में बिहार बास्केटबॉल संघ के महासचिव सुशील कुमार, भागलपुर बास्केटबॉल संघ के अध्यक्ष मृत्युंजय तिवारी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित हुए।
भागलपुर बास्केटबॉल संघ के सचिव सौरभ कुमार ने बताया कि यह प्रतियोगिता लंबे समय बाद राज्य स्तर पर आयोजित हो रही है और भागलपुर में इसका आयोजन पहली बार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन भागलपुर के लिए ऐतिहासिक अवसर है, जिससे खिलाड़ियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस आयोजन से शहर के युवा खिलाड़ियों को सीखने और बेहतर मंच पाने का सुनहरा मौका मिला है।
इस प्रतियोगिता में रेलवे, बीएमपी पटना, भागलपुर सहित प्रदेश की प्रमुख टीमों का चयन हुआ है। कुल 16 बालक वर्ग और 9 बालिका वर्ग की टीमें प्रतियोगिता में हिस्सा ले रही हैं। खिलाड़ियों के साथ उनके कोच, मैनेजर और टूनामेंट ऑफिसियल मिलाकर कुल लगभग 400 प्रतिभागी इस आयोजन का हिस्सा बन रहे हैं। बास्केटबॉल कोर्ट पर खिलाड़ियों का जोश और तीव्र मुकाबले देखने लायक होंगे।
उद्घाटन समारोह में अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल न सिर्फ शारीरिक फिटनेस बढ़ाते हैं बल्कि अनुशासन, टीमवर्क और आत्मविश्वास को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भागलपुर में ऐसा आयोजन आगे भी निरंतर जारी रहेगा और यह शहर खेल के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाएगा।
प्रतियोगिता का पहला दिन रोमांच से भरपूर रहा और दर्शकों की उपस्थिति ने खिलाड़ियों का मनोबल और बढ़ा दिया। आने वाले दिनों में और भी कड़े मुकाबले देखने को मिलेंगे।





