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भागलपुर
Sports
बिहार की सियासत में हलचल: राज्यसभा चुनाव के बाद नीतीश के इस्तीफे की चर्चा, भाजपा में नए मुख्यमंत्री की तलाश तेज
बिहार की राजनीति में इन दिनों बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री Nitish Kumar के इस्तीफे की संभावनाओं को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसी बीच भाजपा में नए मुख्यमंत्री की तलाश भी तेज होती नजर आ रही है। राजनीतिक सूत्रों की मानें तो अप्रैल के पहले या दूसरे सप्ताह तक बिहार को नया मुख्यमंत्री मिल सकता है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इन दिनों अपनी समृद्धि यात्रा के जरिए विभिन्न जिलों का दौरा कर रहे हैं। इस यात्रा के दौरान वे राज्य में हुए विकास कार्यों का जिक्र कर रहे हैं और जनता को यह संदेश दे रहे हैं कि वे बिहार से जुड़े रहेंगे तथा नई सरकार को आगे भी मार्गदर्शन देते रहेंगे।
समृद्धि यात्रा के दौरान उपमुख्यमंत्री Samrat Choudhary भी उनके साथ मौजूद हैं। सीमांचल क्षेत्र के दौरे में दोनों नेताओं के हाव-भाव ने सियासी गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। मधेपुरा में एक कार्यक्रम के दौरान नीतीश कुमार जहां मंच से हाथ हिलाते नजर आए, वहीं सम्राट चौधरी हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन करते दिखे। कई राजनीतिक जानकार इसे नीतीश द्वारा सम्राट चौधरी का जनता से ‘परिचय’ कराने के संकेत के रूप में देख रहे हैं।
अररिया में भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां सम्राट चौधरी करबद्ध मुद्रा में खड़े थे और नीतीश कुमार हाथ लहराकर लोगों का अभिवादन कर रहे थे। इन तस्वीरों और हाव-भाव ने भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच नए मुख्यमंत्री को लेकर चर्चाओं और सट्टेबाजी को और तेज कर दिया है।
संभावित उम्मीदवारों की सूची में Samrat Choudhary, Vijay Kumar Sinha, Nityanand Rai, Mangal Pandey, Dilip Jaiswal, Sanjeev Chaurasia और Nitish Mishra जैसे नाम प्रमुख रूप से सामने आ रहे हैं।
वहीं केंद्रीय मंत्री Giriraj Singh ने कहा है कि नई सरकार नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही बनेगी, लेकिन मुख्यमंत्री के रूप में ओबीसी या ईबीसी वर्ग से किसी नए चेहरे को भी मौका दिया जा सकता है।
इस बीच खबर है कि केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने सम्राट चौधरी को दिल्ली बुलाया है, जिससे राजनीतिक अटकलें और भी तेज हो गई हैं। बिहार विधानसभा में भाजपा के पास फिलहाल 89 विधायक हैं और अब सभी की नजर दिल्ली में बैठे शीर्ष नेतृत्व—प्रधानमंत्री Narendra Modi, अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि बिहार की सियासत में आने वाले दिनों में कौन सा चेहरा राज्य की कमान संभालता है।
Fitness
गोपालपुर सीएचसी की बदहाल व्यवस्था के खिलाफ अति पिछड़ा जागृति मंच का धरना
गोपालपुर | सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर अति पिछड़ा जागृति मंच के सदस्यों ने बुधवार को धरना प्रदर्शन किया। धरना के माध्यम से सदस्यों ने अस्पताल में चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की कमी पर गहरी नाराजगी जताई तथा जल्द से जल्द व्यवस्था सुधारने की मांग की।
धरना का नेतृत्व मंच के संयोजक विभाष कुमार भारती ने किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि गोपालपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में मानक के अनुसार न तो पर्याप्त चिकित्सकों की तैनाती है और न ही स्वास्थ्य कर्मियों की। इससे क्षेत्र के हजारों लोगों को इलाज के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि विशेष रूप से महिला डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण गर्भवती महिलाओं को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कई बार मजबूरी में मरीजों को नवगछिया या भागलपुर जैसे बड़े अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।
मंच के सदस्यों ने कहा कि सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उसका सही लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है। अस्पताल में दवाइयों की कमी, जांच की समुचित व्यवस्था का अभाव और चिकित्सकों की अनुपस्थिति से मरीजों को भारी परेशानी होती है।
धरना के दौरान मंच के सदस्यों ने प्रशासन से मांग की कि गोपालपुर सीएचसी में तत्काल महिला डॉक्टर सहित आवश्यक चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति की जाए। साथ ही अस्पताल में दवाइयों, जांच सुविधाओं और अन्य जरूरी संसाधनों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।
मंच के सदस्यों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही अस्पताल की व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो अति पिछड़ा जागृति मंच द्वारा आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस अवसर पर मंच के कई सदस्य और स्थानीय लोग मौजूद रहे।





