भागलपुर से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां बाढ़ का पानी अब एक के बाद एक प्रमुख सड़कों को अपनी चपेट में ले रहा है। NH-80 के बाद अब मुंगेर-मिर्जाचौकी ग्रीनफील्ड फोरलेन पर भी बाढ़ का पानी चढ़ गया है। कई जगहों पर सड़क के ऊपर से पानी बह रहा है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए फोरलेन पर आवाजाही पूरी तरह प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है।
गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी के कारण भागलपुर जिले में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। मुंगेर-मिर्जाचौकी ग्रीनफील्ड फोरलेन पर करीब दो फीट तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। बताया जा रहा है कि तीन अलग-अलग जगहों पर फोरलेन के ऊपर से पानी बह रहा है। पानी का दबाव लगातार बढ़ने से सड़क पर आवागमन करने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अगर गंगा के जलस्तर में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही, तो आने वाले समय में फोरलेन पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद होने की स्थिति बन सकती है। ऐसा होने पर सिल्क सिटी भागलपुर का राजधानी पटना समेत अन्य इलाकों से सड़क संपर्क प्रभावित हो सकता है।
वहीं, फोरलेन पर जलजमाव को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है। लोगों का आरोप है कि सड़क अभी निर्माणाधीन है और अधिकारियों को पहले से ही उन इलाकों की जानकारी है, जहां बारिश या बाढ़ के दौरान जलजमाव की समस्या उत्पन्न होती है। इसके बावजूद कुछ स्थानों पर सड़क को अपेक्षाकृत नीचे रखा गया, जिसके कारण पानी सड़क पर जमा हो रहा है।
लोग डीपीआर, नक्शा और सड़क की संरचना तैयार करने वाले अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण के दौरान जलनिकासी और बाढ़ के पानी के दबाव को ध्यान में रखा जाना चाहिए था, ताकि भविष्य में इस तरह की परेशानी से बचा जा सके।
फिलहाल गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच फोरलेन पर पानी का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में आने वाले घंटों में हालात किस दिशा में जाते हैं, यह देखना अहम होगा।
परेशान लोग क्या कह रहे हैं, सुनिए…





