बिहार बंद के दौरान किशनगंज में हुई हिंसा और उपद्रव के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। बहादुरगंज थाना क्षेत्र के एलआरपी चौक पर हुए बवाल के बाद पुलिस ने उपद्रवियों की पहचान तेज करते हुए 55 संदिग्ध लोगों की तस्वीरें सार्वजनिक की हैं। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि वे इन लोगों की पहचान करते हैं तो तुरंत प्रशासन को सूचना दें। जानकारी देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
किशनगंज पुलिस के अनुसार, बिहार बंद के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने कानून-व्यवस्था को बाधित करने की कोशिश की। प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल पर पथराव किया गया, सरकारी वाहनों को क्षतिग्रस्त किया गया और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। इतना ही नहीं, उपद्रवियों ने आम नागरिकों और मीडिया प्रतिनिधियों पर भी लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से हमला किया, जिससे कई लोग घायल हुए।
पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि अब तक इस मामले में 20 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, अन्य आरोपियों की पहचान सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और सोशल मीडिया पर उपलब्ध तस्वीरों के आधार पर की जा रही है। पुलिस का कहना है कि हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने नागरिकों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 9031816144 और 9031816147 जारी किए हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि जारी तस्वीरों में किसी व्यक्ति की पहचान होती है तो तुरंत इन नंबरों पर सूचना दें। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
गौरतलब है कि बिहार बंद के दौरान पटना, किशनगंज, सिवान, पश्चिम चंपारण, मुजफ्फरपुर और सासाराम सहित कई जिलों में प्रदर्शन हिंसक हो गया था। कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प, पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई थीं। फिलहाल किशनगंज में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।







