जामताड़ा: जिले के नाला प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में रविवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के तत्वावधान में विधिक सहायता एवं सशक्तिकरण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना और घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न तथा भरण-पोषण जैसे मामलों में निशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराना था।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जामताड़ा व्यवहार न्यायालय के जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव ने की। उन्होंने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि एक सशक्त समाज की नींव जागरूक महिलाओं पर टिकी होती है। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और किसी भी प्रकार की घरेलू हिंसा या शोषण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई महिला उत्पीड़न का शिकार है तो उसे डरने की जरूरत नहीं है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार जरूरतमंद महिलाओं को निशुल्क वकील और हर संभव कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

शिविर में विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए, जहां लोगों की समस्याएं सुनी गईं और मौके पर समाधान का प्रयास किया गया। शिविर में 100 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। स्वास्थ्य विभाग ने 24 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाइयों का वितरण किया। कृषि विभाग ने 13 किसानों को ₹86,000 का किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण प्रदान किया तथा 10 किसानों के बीच 40 किलो अरहर बीज वितरित किए। पशुपालन विभाग ने 13 पशुपालकों को कीटनाशक दवा उपलब्ध कराई।

इसके अलावा बाल विकास विभाग ने 6 दिव्यांगों को व्हीलचेयर और 5 लाभुकों को श्रवण यंत्र दिए। मनरेगा के तहत 13 मजदूरों को नए जॉब कार्ड जारी किए गए, जबकि सामाजिक सुरक्षा योजना के अंतर्गत 2 लोगों को पेंशन स्वीकृति पत्र सौंपे गए। आधार पंजीकरण, प्रधानमंत्री आवास योजना, श्रम नियोजन, धोती-साड़ी वितरण और चिकित्सा अनुदान से जुड़े कार्य भी शिविर में किए गए।

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शिविर में बड़ी संख्या में महिलाओं ने घरेलू हिंसा, भरण-पोषण और कानूनी प्रक्रिया से जुड़े सवाल पूछे। साथ ही साइबर अपराध से बचाव को लेकर भी जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीणों तक सरकारी योजनाओं और कानूनी सहायता का लाभ पहुंचाने के लिए ऐसे शिविर आगे भी प्रखंड स्तर पर नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।