कला के जरिए क्रिकेट सितारों का सम्मान, नालंदा के चिंटू कुमार बना रहे अनोखी वर्ल्ड कप ट्रॉफियां

नालंदा: शिक्षा और ज्ञान की धरती नालंदा अब कला के क्षेत्र में भी अपनी नई पहचान बना रही है। कतरीसराय प्रखंड के दरवेशपुरा गांव निवासी कलाकार चिंटू कुमार अपनी अनोखी कलाकृतियों के जरिए खेल जगत में विशेष पहचान बना रहे हैं। कभी क्रिकेटर बनने का सपना देखने वाले चिंटू आज अपनी कला से भारतीय क्रिकेटरों को सम्मानित कर रहे हैं।

हाल ही में चिंटू कुमार ने भारतीय टीम के युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ISHAN KISHAN से पटना स्थित उनके आवास पर मुलाकात की और उन्हें आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप की तर्ज पर तैयार की गई स्टील की विशेष ट्रॉफी भेंट की। इस ट्रॉफी को बनाने में करीब एक महीने का समय और 25 हजार रुपये की लागत लगी। चिंटू ने बताया कि ईशान किशन और उनके परिवार ने उनकी कला की सराहना की तथा उनके साथ बैठकर नाश्ता भी किया।

इससे पहले वर्ष 2011 में चिंटू ने रांची जाकर पूर्व भारतीय कप्तान। Mahendra Singh Dhoni को चुनार के बलुआ पत्थर से बनी विशेष ट्रॉफी भेंट की थी। उस ट्रॉफी को तैयार करने में तीन महीने का समय और लगभग 40 हजार रुपये खर्च हुए थे।

चिंटू कुमार ने बताया कि बचपन से उनका सपना क्रिकेटर बनने का था, लेकिन आर्थिक कठिनाइयों के कारण वे यह सपना पूरा नहीं कर सके। इसके बाद उन्होंने पटना से फाइन आर्ट्स में डिप्लोमा और जयपुर से उच्च शिक्षा प्राप्त की। नौकरी नहीं मिलने पर उन्होंने मजदूरी भी की और बाद में गांव लौटकर पावापुरी में स्टील वेल्डिंग एवं आर्ट गैलरी का काम शुरू किया।

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चिंटू के पिता रविंद्र सिंह ने बताया कि परिवार ने कठिन परिस्थितियों में मेहनत कर बेटे को पढ़ाया। उनका मानना है कि ऐसे प्रतिभाशाली कलाकारों को सरकार की ओर से सम्मान और रोजगार मिलना चाहिए।

चिंटू का कहना है कि यह सिर्फ कला नहीं, बल्कि देश के खिलाड़ियों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का माध्यम है। अब वे वैभव सूर्यवंशी, आकाशदीप, साकिब हुसैन, Surya Kumar Yadavऔर मुकेश कुमार जैसे उभरते क्रिकेट सितारों को भी अपनी हाथों से बनाई विशेष ट्रॉफियां भेंट कर सम्मानित करना चाहते हैं।

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