
सावन की दूसरी सोमवारी पर जामताड़ा जिले के नाला प्रखंड स्थित प्रसिद्ध देवलेश्वर धाम मंदिर में शिवभक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। तड़के सुबह से ही मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष से गूंज उठा। झारखंड के दुमका, देवघर, गिरिडीह सहित पश्चिम बंगाल के वीरभूम और बर्द्धमान से हजारों श्रद्धालु बाबा देवलेश्वर के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचे।
सुबह चार बजे से ही श्रद्धालु मंदिर के मुख्य द्वार पर लंबी कतार में खड़े हो गए। करीब एक घंटे तक इंतजार करने के बाद भक्तों ने गर्भगृह में पहुंचकर बाबा देवलेश्वर का गंगाजल, दूध और बेलपत्र से विधिवत जलाभिषेक किया। बड़ी संख्या में सुहागिन महिलाओं और कुंवारी कन्याओं ने भी व्रत रखकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि तथा मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना की। कई श्रद्धालु कांवर लेकर कई किलोमीटर पैदल चलकर मंदिर पहुंचे। मान्यता है कि देवलेश्वर धाम में सच्चे मन से मांगी गई हर मन्नत भगवान शिव अवश्य पूरी करते हैं, इसी विश्वास के कारण सावन की प्रत्येक सोमवारी को यहां भारी भीड़ उमड़ती है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को देखते हुए जिला प्रशासन एवं नाला थाना पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए थे। मंदिर परिसर में बैरिकेडिंग, सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से निगरानी की गई। कतार व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्वयंसेवकों की तैनाती की गई, जबकि बुजुर्गों और महिलाओं के लिए अलग लेन की व्यवस्था की गई। पेयजल, छाया, बिजली, लाउडस्पीकर तथा स्वास्थ्य विभाग की ओर से चिकित्सा सहायता शिविर भी संचालित किया गया।
मंदिर परिसर में फूल, बेलपत्र, प्रसाद, रुद्राक्ष और पूजा सामग्री की दुकानों पर भी दिनभर रौनक रही। मंदिर समिति के अनुसार सावन के प्रत्येक सोमवार और पूर्णिमा पर 20 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। दूसरी सोमवारी पर पूरे देवलेश्वर धाम का वातावरण पूरी तरह शिवमय और भक्तिमय बना रहा।
संवाददाता : संतोष कुमार, जामताड़ा






