
सहरसा सदर थाना क्षेत्र के कहरा कुटी वार्ड संख्या-41 में वर्षों से चल रहे भूमि विवाद में न्यायालय के आदेश के बावजूद दखल-दिहानी की कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी। रविवार को जिला प्रशासन की टीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन के लिए मौके पर पहुंची, लेकिन पर्याप्त पुलिस बल और आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्था समय पर उपलब्ध नहीं होने के कारण कार्रवाई स्थगित करनी पड़ी। इस दौरान अंचलाधिकारी के देर से पहुंचने पर पीड़ित पक्ष और स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए उनकी गाड़ी का घेराव किया तथा पक्षपात के आरोप लगाए।
पीड़ित पक्ष के अनुसार, बरियाही वार्ड संख्या-11 निवासी 72 वर्षीय मोहम्मद इदरीश अंसारी और वार्ड संख्या-41 निवासी 70 वर्षीय प्रमोद कुमार पासवान ने वर्ष 1982 में कुल सात कट्ठा 18 धुर 5 धुरकी जमीन विधिवत रजिस्ट्री कराई थी। उनका आरोप है कि वर्षों से 10 से 12 परिवारों ने उनकी जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है। प्रमोद कुमार पासवान ने बताया कि उन्होंने जमीन पर बाउंड्री बनाकर रहना शुरू किया था, लेकिन बाद में कुछ लोगों ने कथित रूप से उनके घर में आग लगा दी और जमीन पर कब्जा कर लिया।
उन्होंने बताया कि इस मामले में सिविल कोर्ट ने 1 अगस्त 1998 को उनके पक्ष में फैसला दिया था। बाद में हाईकोर्ट में दायर याचिकाएं भी खारिज हो गईं। इसके बावजूद कब्जा नहीं हटने पर उन्होंने दोबारा न्यायालय की शरण ली। पीड़ितों के अनुसार, 30 सितंबर 2024 और फिर 11 मई 2026 को न्यायालय ने प्रशासन को भूमि खाली कराकर दखल-दिहानी सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया था।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि कार्रवाई के लिए निर्धारित समय तक अधिकांश अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे, लेकिन कहरा अंचलाधिकारी निरंजन कुमार मिश्रा करीब डेढ़ बजे पहुंचे। तब तक कई अधिकारी वापस लौट चुके थे, जिससे पूरी प्रक्रिया बाधित हो गई। इसी बात को लेकर लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया।
मोहम्मद इदरीश अंसारी ने आरोप लगाया कि विवादित भूमि पर बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा का भी मकान है और इसी कारण न्यायालय के आदेश का पालन नहीं हो पा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
वहीं, दूसरे पक्ष ने दावा किया कि उन्होंने भूमि वैध रूप से खरीदी है और न्यायालय का आदेश भी उनके पक्ष में है। दूसरी ओर, कहरा अंचलाधिकारी निरंजन कुमार मिश्रा ने पक्षपात के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध नहीं होने के कारण कार्रवाई स्थगित करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेश के अनुरूप जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।





