
बिहार के गया जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को भावुक कर दिया है। वजीरगंज प्रखंड के केनार चट्टी गांव में 31 साल पहले लापता हुआ एक युवक अचानक अपने घर लौट आया। जिसे परिवार और गांव वाले वर्षों पहले मृत मान चुके थे, उसकी वापसी ने हर किसी को हैरान कर दिया। 1995 में घर छोड़ने वाले साधु शर्मा 26 जुलाई को अचानक अपने गांव पहुंचे तो परिवार की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े।
साधु शर्मा जब घर की देहरी पर पहुंचे तो पहले तो परिवार उन्हें पहचान नहीं पाया। लेकिन जैसे ही उनकी पहचान हुई, उनकी बड़ी भाभी देवंती देवी भावुक होकर उनके गले से लिपट गईं। घर का माहौल खुशी और भावनाओं से भर गया। परिवार के अन्य सदस्य भी अपने आंसू नहीं रोक सके।
साधु शर्मा अप्रैल 1995 में शादी के महज दो महीने बाद रोज़गार की तलाश में घर से निकले थे। शुरुआती दिनों में उनकी दो-तीन चिट्ठियां आईं, लेकिन उसके बाद उनका परिवार से हर तरह का संपर्क टूट गया। रिश्तेदारों और परिचितों के माध्यम से काफी खोजबीन की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। समय बीतने के साथ परिवार ने उन्हें मृत मान लिया।
इस लंबे इंतजार के दौरान उनके पिता गनौरी ठाकुर और बाद में मां कलसिया देवी भी बेटे की याद में इस दुनिया से चले गए। वहीं, उनके लापता होने के दो साल बाद उनकी पत्नी की दूसरी शादी कर दी गई।
साधु शर्मा ने बताया कि वह इन वर्षों में दिल्ली में रहकर मजदूरी और वायरिंग का काम करते रहे। हालांकि, उन्होंने अब तक यह साफ नहीं किया कि इतने वर्षों तक परिवार से संपर्क क्यों नहीं किया।
फिलहाल परिवार साधु शर्मा पर किसी तरह का दबाव नहीं बना रहा है। सभी चाहते हैं कि पहले वह सामान्य हों, फिर उनकी 31 साल की कहानी सामने आए। लेकिन इतना तय है कि इस अप्रत्याशित वापसी ने एक परिवार को वर्षों बाद ऐसी खुशी दी है, जिसे गांव वाले किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं।






