
पश्चिम चंपारण के बेतिया स्थित ऐतिहासिक मीना बाजार में सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। जिला प्रशासन ने भारी पुलिस बल, दंडाधिकारियों और अधिकारियों की मौजूदगी में करीब 85 चिन्हित दुकानों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई शुरू की। जैसे ही बुलडोजर बाजार में पहुंचा, वर्षों से कारोबार कर रहे व्यापारियों ने इसका तीखा विरोध किया और पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
कार्रवाई के दौरान कुछ व्यापारियों ने अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्मदाह की चेतावनी दी, जबकि कई दुकानदार खुद को दुकान के अंदर बंद कर बाहर से ताला लगाकर बैठ गए। इसके बाद प्रशासन ने जेसीबी की मदद से ताला और गेट तोड़कर अभियान जारी रखा। इस दौरान पुलिस और व्यापारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
व्यापारियों का आरोप है कि कई दुकानों से जुड़े मामले पटना हाईकोर्ट में लंबित हैं और कुछ दुकानों पर स्थगन आदेश (स्टे) भी प्राप्त है। उनका कहना है कि अगली सुनवाई 13 अगस्त को होनी है, लेकिन प्रशासन ने न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार किए बिना कार्रवाई शुरू कर दी। व्यापारियों का दावा है कि ये दुकानें उन्हें पूर्व राज व्यवस्था के समय वैध पट्टे पर मिली थीं और वे वर्षों से नियमित रूप से टैक्स एवं अन्य सरकारी शुल्क जमा करते आ रहे हैं।
व्यापारियों ने प्रशासन पर मनमानी और तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सड़क चौड़ीकरण के लिए दूसरी ओर पर्याप्त खाली जमीन उपलब्ध है, लेकिन केवल छोटे और गरीब व्यापारियों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि कार्रवाई से पहले पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि उनकी आजीविका प्रभावित न हो।
वहीं कांग्रेस नेता वसी अहमद ने भी प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि न्यायालय में मामला लंबित होने के बावजूद बुलडोजर चलाना उचित नहीं है। दूसरी ओर बेतिया सदर एसडीएम विकास कुमार ने कहा कि सभी दुकानदारों को पहले ही नोटिस दिया गया था और कई बार दुकानें खाली करने को कहा गया था। इसके बावजूद आदेश का पालन नहीं होने पर सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है।
फिलहाल मीना बाजार में भारी पुलिस बल तैनात है। एक ओर प्रशासन इसे शहर के विकास और बेहतर यातायात व्यवस्था के लिए आवश्यक कदम बता रहा है, वहीं दूसरी ओर व्यापारी इसे अपने अधिकारों और न्यायिक प्रक्रिया की अनदेखी बताते हुए विरोध जारी रखे हुए हैं।






