
भागलपुर। जिले के खरीक प्रखंड के राघोपुर गांव में बाढ़ की भयावह स्थिति का जायजा लेने पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव पहुंचे। उन्होंने वार्ड नंबर 8 और 9 में बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान सांसद ने अपनी ओर से 100 से अधिक बाढ़ प्रभावित महिलाओं को नगद आर्थिक सहायता भी दी।
पप्पू यादव ने लोदीपुर निवासी बादल मंडल और सिकंदर मंडल के परिजनों से मुलाकात कर 25-25 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी। करीब 15 दिनों से लापता बादल मंडल के परिजनों से मिलकर उन्होंने परिवार का दुख साझा किया और तत्काल सहायता प्रदान की।
वहीं, गोराडीह प्रखंड के कोयली खुटाहा गांव में नाव हादसे में जान गंवाने वाले परिवारों से भी सांसद मिले। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए अपनी ओर से 50 हजार रुपये की सहायता दी और सरकार से प्रत्येक मृतक के परिवार को कम से कम पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की।
सांसद ने कहा कि राघोपुर और आसपास के इलाकों में बाढ़ से हालात बेहद गंभीर हैं। खैरपुर और अतगामा के समीप बांध पर भी संकट बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाढ़ पीड़ितों तक सरकारी राहत पर्याप्त रूप से नहीं पहुंच रही है। बिजली, नाव और जरूरी सुविधाओं के अभाव में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग परेशान हैं।
पप्पू यादव ने सिकंदर मंडल की नाव डूबने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि करीब 70 लाख रुपये खर्च कर जमीन बेचकर नाव बनवाई गई थी, जो बाढ़ में डूब गई। सांसद ने नाव के नुकसान की भरपाई की मांग की।
उन्होंने एंटी-इरोजन और फ्लड फाइटिंग कार्यों में खर्च होने वाली सरकारी राशि पर भी सवाल उठाए। आरोप लगाया कि वर्षों से सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण के नाम पर राशि खर्च होने के बावजूद जनता को अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है।
सांसद ने कहा कि वे पूरे मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे और पिछले करीब 40 वर्षों में बाढ़ नियंत्रण एवं सिंचाई व्यवस्था से जुड़े ठेकेदारों, माफिया और पदाधिकारियों की संपत्तियों की जांच की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि बाढ़ गरीबों की नियति नहीं, बल्कि व्यवस्था की जिम्मेदारी है और संकट की घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा रहना उनका कर्तव्य है।





