नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर बुधवार को राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। दोपहर 3 बजे होने वाली इस बैठक की अध्यक्षता स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इस अवसर पर वे देश के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने का भी एक नया रिकॉर्ड स्थापित कर चुके हैं।
बैठक में एनडीए शासित 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री तथा वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह सहित कई केंद्रीय मंत्री भी बैठक में मौजूद रहेंगे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू समेत कई प्रमुख नेता इसमें भाग लेंगे।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं और आधारभूत संरचना परियोजनाओं की समीक्षा की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। साथ ही वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर तैयार रोडमैप पर भी चर्चा होगी। इसके अलावा पश्चिम एशिया में जारी संकट और उससे जुड़े अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
इस बीच विदेश मंत्रालय ने प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्ष पूरे होने पर उनकी विदेश नीति को परिवर्तनकारी बताया है। मंत्रालय के अनुसार, मोदी सरकार के दौरान भारत की वैश्विक पहचान और प्रभाव में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इंटरनेशनल सोलर अलायंस, डिजिटल भुगतान प्रणाली यूपीआई का वैश्विक विस्तार और संकट के समय अन्य देशों की सहायता करने जैसी पहलों ने भारत की अंतरराष्ट्रीय भूमिका को मजबूत किया है।
गौरतलब है कि 10 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 4,399 दिन पद पर रहते हुए पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के 4,398 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। यह उपलब्धि भारतीय राजनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।