धनबाद: झारखंड के धनबाद जिले के निरसा क्षेत्र में एक अंतरधार्मिक प्रेम विवाह इन दिनों लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। निरसा के आंखद्वारा निवासी विपुल मंडल ने बिहार के नवादा जिले की रहने वाली राहत प्रवीण के साथ हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार विवाह किया है। दोनों का कहना है कि उन्होंने यह फैसला पूरी तरह अपनी इच्छा और आपसी सहमति से लिया है।
जानकारी के अनुसार विपुल मंडल और राहत प्रवीण की पहचान वर्ष 2023 में इंटरनेट के माध्यम से हुई थी। बातचीत के दौरान दोनों के बीच दोस्ती बढ़ी और समय के साथ यह रिश्ता प्रेम में बदल गया। करीब तीन वर्षों तक एक-दूसरे को समझने के बाद दोनों ने जीवनभर साथ रहने का निर्णय लिया।
निरसा के आंखद्वारा में आयोजित विवाह समारोह हिंदू परंपरा के अनुसार संपन्न हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दोनों ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और सिंदूरदान की रस्म निभाई। विवाह समारोह में स्थानीय लोगों और शुभचिंतकों ने नवदंपति को आशीर्वाद दिया तथा उनके सुखद दांपत्य जीवन की कामना की।
मीडिया से बातचीत के दौरान राहत प्रवीण और विपुल मंडल ने स्पष्ट किया कि यह विवाह किसी दबाव, प्रलोभन या मजबूरी का परिणाम नहीं है। दोनों ने कहा कि वे एक-दूसरे से प्रेम करते हैं और अपनी स्वेच्छा से विवाह के बंधन में बंधे हैं। राहत प्रवीण ने कहा कि उन्होंने सोच-समझकर यह फैसला लिया है और इस निर्णय में उन पर किसी प्रकार का दबाव नहीं था।
नवदंपति का कहना है कि वे आगे का जीवन प्रेम, विश्वास और आपसी सम्मान के साथ बिताना चाहते हैं। क्षेत्र के कई लोग इस विवाह को सामाजिक सौहार्द, आपसी समझ और प्रेम का उदाहरण मान रहे हैं। वहीं यह विवाह जाति और धर्म की सीमाओं से ऊपर उठकर रिश्तों को स्वीकार करने की बदलती सामाजिक सोच को भी दर्शाता है, जिसकी चर्चा पूरे इलाके में हो रही है।