बिहार का जमुई जिला अब एक नई पहचान की ओर तेजी से बढ़ रहा है। कभी नक्सलवाद से प्रभावित रहा यह इलाका अब पूरी तरह बदल चुका है और विकास की नई कहानी लिखने के लिए तैयार है। जिला प्रशासन और बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (BIA) के संयुक्त प्रयास से आयोजित कार्यक्रम ‘अद्भुत जमुई: पर्यटन एवं उद्योग विकास की नई दिशा’ में जिले को एक बड़े औद्योगिक और पर्यटन हब के रूप में विकसित करने की योजना सामने आई
जिलाधिकारी नवीन ने जमुई को ‘ईश्वर निर्मित उपवन’ और ‘बिहार का कोहिनूर’ बतते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि इस प्राकृतिक रूप से समृद्ध जिले को सही दिशा में तराशा जाए। उन्होंने बताया कि जमुई अब नक्सलवाद के साए से पूरी तरह मुक्त हो चुका है। 2025 क विधानसभा चुनाव में दुर्गम इलाकों में शांतिपूर्ण मतदान और 31 मार्च 2026 को केंद्र सरकार द्वारा इसे नक्सल मुक्त घोषित किया जाना इसका प्रमाण है।
BIA के सदस्य सुनील सिंह ने कहा कि जमुई में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। यहां हेरिटेज, विलेज और एडवेंचर टूरिज्म को विकसित किया जा सकता है। उन्होंने कुकुरझप डैम पर रोपवे निर्माण, पर्यटन स्थलों पर बेहतर साइनेज और स्थानीय युवाओं को टूरिस्ट गाइड के रूप में प्रशिक्षित करने का सुझाव दिया। साथ ही, ‘होम-स्टे’ योजना के तहत मिलने वाले 20 लाख रुपये तक के ऋण से स्थानीय लोगों को आत्मनिर्भर बनाने की बात कही।
औद्योगिक विकास की दिशा में भी जमुई तेजी से आगे बढ़ रहा है। BIA के पूर्व अध्यक्ष संजय गोयनका ने बताया कि जिले में करीब 7100 करोड़ रुपये के निवेश की योजना तैयार है। कुछ परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है और बाकी पर जल्द काम शुरू होगा।
इसके अलावा, सिमुलतला में वेलनेस सेंटर स्थापित करने की योजना भी है, जिससे पर्यटन को और बढ़ावा मिलेगा। कुल मिलाकर, जमुई अब अपने पुराने स्वरूप को पीछे छोड़कर एक विकसित, सुरक्षित और संभावनाओं से भरे जिले के रूप में उभरने की ओर अग्रसर है।
