जामताड़ा जिले के नाला प्रखंड परिसर में गुरुवार को आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को सहेजने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आईटीडीए और कल्याण विभाग के सौजन्य से प्रखंड की सभी 23 पंचायतों के आदिवासी संस्कृति एवं कला केंद्रों तथा धूमकुड़िया भवनों के लिए पारंपरिक वाद्ययंत्रों का वितरण किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि झारखंड विधानसभा अध्यक्ष सह नाला विधायक रवींद्रनाथ महतो, उपायुक्त आलोक कुमार, पुलिस अधीक्षक शम्भू कुमार सिंह, आईटीडीए परियोजना निदेशक जुगनू मिंज, प्रखंड प्रमुख कलावती मुर्मू, उपप्रमुख समर माजी, बीडीओ आकांक्षा कुमारी सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। इससे पहले सभी अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया।
अपने संबोधन में विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने कहा कि यह कार्यक्रम आदिवासी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आदिवासी परंपराओं के अनुरूप धूमकुड़िया भवनों में पारंपरिक वाद्ययंत्र उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है, जिसकी शुरुआत अब जमीनी स्तर पर हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि झारखंड की जनजातीय संस्कृति हमारी सभ्यता की अमूल्य धरोहर है। इसमें प्रकृति के साथ सामंजस्य, लोक-आस्था और जीवन मूल्यों की गहरी परंपराएं समाहित हैं। सरकार का उद्देश्य है कि यह जीवंत विरासत अपनी मूल पहचान के साथ आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचे।
रवींद्रनाथ महतो ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में भी मजबूती से आगे बढ़ रहा है। इन वाद्ययंत्रों के वितरण से नई पीढ़ी अपनी जड़ों और परंपराओं से जुड़ेगी।
नाला प्रखंड की सभी 23 पंचायतों के धूमकुड़िया भवनों के लिए तुम्दाक, टामाक, हारमोनियम और करताल सहित कुल 23 सेट वाद्ययंत्र उपलब्ध कराए गए हैं। इससे स्थानीय संस्कृति को मजबूती मिलेगी और पारंपरिक लोककला को नया जीवन मिलेगा।
