हजारीबाग में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं द्वारा स्वास्थ्य मंत्री की मौजूदगी में पत्रकारों पर किए गए जानलेवा हमले के विरोध में जामताड़ा प्रेस क्लब ने जोरदार प्रदर्शन किया। जामताड़ा के सुभाष चौक पर पत्रकारों ने स्वास्थ्य मंत्री का पुतला दहन कर विरोध जताया और जमकर नारेबाजी की। प्रेस क्लब के सदस्यों ने इस घटना को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
जामताड़ा प्रेस क्लब के अध्यक्ष देवाशीष भारती के नेतृत्व में जिले के पत्रकारों ने बारिश के बीच भी विरोध प्रदर्शन जारी रखा। सुभाष चौक पर एकत्रित पत्रकारों ने स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका पुतला फूंका और हजारीबाग की घटना पर गहरा आक्रोश जताया।
पत्रकारों का कहना था कि हजारीबाग में स्वास्थ्य मंत्री की उपस्थिति में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं द्वारा पत्रकारों पर जानलेवा हमला किया गया, जो पूरी तरह निंदनीय और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उनका आरोप है कि घटना के समय मंत्री मौके पर मौजूद थे, लेकिन उन्होंने हमलावरों को रोकने या स्थिति को नियंत्रित करने की कोई गंभीर कोशिश नहीं की।
प्रेस क्लब के जिला अध्यक्ष देवाशीष भारती ने कहा कि मंत्री की मौजूदगी में इस तरह की घटना होना बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि मंत्री को तत्काल इस घटना पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए और दोषी तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज का आईना होते हैं और उन पर हमला सीधे तौर पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है। यदि पत्रकार ही सुरक्षित नहीं रहेंगे तो लोकतंत्र की बुनियाद कमजोर हो जाएगी।
इस विरोध प्रदर्शन में प्रेस क्लब के सचिव आरिफ हुसैन, उपाध्यक्ष उज्जवल प्रसाद आजाद, कोषाध्यक्ष मिथिलेश निराला, सदस्य दीपक झा, देवेश कुमार, रतन मंडल, राजीव झा, बिधन चंद्र दास सहित कई पत्रकार साथी मौजूद रहे।
जामताड़ा प्रेस क्लब का यह प्रदर्शन साफ संदेश देता है कि पत्रकारों पर हमला किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब देखना होगा कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और दोषियों पर कब तक कार्रवाई होती है।
