पटना से बड़ी खबर है, जहां जनगणना 2027 के तहत शुरू हुई स्व-गणना प्रक्रिया में बिहार ने पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया है। राज्य के लाखों परिवारों ने ऑनलाइन माध्यम से बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जो यह दर्शाता है कि डिजिटल जनभागीदारी के मामले में बिहार तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस उपलब्धि को लेकर पटना स्थित जनगणना कार्य निदेशालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अधिकारियों ने विस्तृत जानकारी दी।

जनगणना कार्य-सह-नागरिक निबंधन की निदेशक रंजिता ने बताया कि जनगणना 2027 का पहला चरण, यानी मकान-सूचीकरण, बेहद अहम है। इस चरण में राज्य के सभी घरों की बुनियादी जानकारी एकत्र की जा रही है, जिससे आगे की जनगणना को अधिक सटीक और व्यवस्थित बनाया जा सके।

उन्होंने बताया कि इस बार तकनीक का व्यापक उपयोग किया गया है और लोगों को स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन साझा करने की सुविधा दी गई, जिसे स्व-गणना कहा गया। इस प्रक्रिया में बिहार के 46 लाख 82 हजार से अधिक परिवारों ने हिस्सा लिया। देश के लगभग 16 राज्यों में यह प्रक्रिया पूरी हुई, जिसमें बिहार सबसे आगे रहा। 17 अप्रैल से 1 मई तक चले इस अभियान में लोगों का उत्साह काफी देखने को मिला।

जिलों की बात करें तो मधुबनी, वैशाली और दरभंगा स्व-गणना में शीर्ष पर रहे। मधुबनी में सबसे अधिक परिवारों ने भाग लिया, जबकि वैशाली और दरभंगा भी पीछे नहीं रहे। खास बात यह रही कि पोर्टल पर जाने वाले 96 प्रतिशत से अधिक लोगों ने प्रक्रिया को पूरा भी किया।

निदेशक ने बताया कि स्व-गणना करने वाले घरों का फिजिकल वेरिफिकेशन भी किया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में 100 मीटर और ग्रामीण क्षेत्रों में 500 मीटर के दायरे में प्रगणक सत्यापन करेंगे। वहीं, जो लोग इस प्रक्रिया में शामिल नहीं हुए हैं, उनके घर जाकर गणना की जाएगी। यह कार्य 2 मई से 31 मई तक चलेगा।

साथ ही, लोगों को ठगों से सावधान रहने की सलाह दी गई है। जनगणना के नाम पर कोई भी कर्मचारी ओटीपी या निजी जानकारी नहीं मांगता। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन या टोल फ्री नंबर 1855 पर देने की अपील की गई है।

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