बिहार के नवादा जिले में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। गोविंदपुर थाना क्षेत्र के माधोपुर गांव में शनिवार सुबह एक दर्दनाक घटना में 60 वर्षीय बच्चू राम की हाथियों के हमले में मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है, वहीं ग्रामीणों में आक्रोश भी साफ देखा जा रहा है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बच्चू राम सुबह अपने घर से बाहर निकले ही थे कि पीछे से आए एक हाथी ने उन पर हमला कर दिया। हाथी ने उन्हें सूंड से उठाकर जमीन पर पटक दिया और फिर पैरों से कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

चिंता की बात यह है कि बीते एक महीने में यह चौथी मौत है। इससे पहले रजौली और कौआकोल इलाके में भी हाथियों के हमले में लोगों की जान जा चुकी है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है।

हाथियों का झुंड सिर्फ लोगों पर ही नहीं, बल्कि संपत्ति और फसलों पर भी कहर बरपा रहा है। माधोपुर में एक घर को पूरी तरह तोड़ दिया गया, वहीं कई गांवों में गेहूं की फसल और केले के बागान बर्बाद कर दिए गए। रजौली क्षेत्र में तीन भैंसों की भी मौत हो चुकी है।

इन घटनाओं से नाराज ग्रामीणों ने गोविंदपुर-फतेहपुर मुख्य सड़क को करीब चार घंटे तक जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। लोगों का आरोप है कि वन विभाग के पास न तो पर्याप्त संसाधन हैं और न ही कोई ठोस योजना।

हालांकि वन विभाग का कहना है कि हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है और पश्चिम बंगाल से विशेष टीम भी बुलाई गई है। विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और सूचना देने की अपील की है।

विशेषज्ञों के अनुसार जंगलों के सिकुड़ने, संसाधनों की कमी और झारखंड के जंगलों में दबाव बढ़ने के कारण हाथी गांवों की ओर रुख कर रहे हैं। फिलहाल 20 से 22 हाथियों का झुंड इलाके में सक्रिय है, जिससे ग्रामीणों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।

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