बिहार के गोपालगंज जिले में बीते कुछ घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश ने नगर परिषद के दावों की हकीकत सामने ला दी है। राहत देने वाली बारिश अब शहरवासियों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। मुख्य सड़कों से लेकर गली-मोहल्लों तक हर तरफ जलजमाव की स्थिति है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
सबसे गंभीर हालात शहर के सदर अस्पताल में देखने को मिल रहे हैं। अस्पताल परिसर में घुटनों तक पानी भर गया है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इमरजेंसी वार्ड तक पहुंचना तक मुश्किल हो गया है। स्ट्रेचर और व्हीलचेयर को पानी के बीच से ले जाना मजबूरी बन गया है। ऐसे हालात में इलाज व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
अस्पताल में भरे गंदे पानी ने संक्रमण के खतरे को भी बढ़ा दिया है। भर्ती मरीजों के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक और असहनीय बन गई है। जलजमाव के कारण आवाजाही बाधित हो गई है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर सीधा असर पड़ रहा है।
वहीं शहर के निचले इलाकों की स्थिति और भी बदतर है। कई जगहों पर नालियां ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बह रही हैं, जिससे दुर्गंध और गंदगी फैल गई है। स्थानीय लोग हर साल मानसून के दौरान दोहराई जाने वाली इस समस्या से परेशान हैं। उनका कहना है कि नालों की सफाई के दावे सिर्फ कागजों तक सीमित रहते हैं, जबकि जमीन पर कोई ठोस सुधार नजर नहीं आता।
बारिश का असर बाजारों पर भी पड़ा है। दुकानों के सामने पानी भरने से व्यापार ठप हो गया है। स्कूली बच्चों और दफ्तर जाने वाले लोगों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर वाहनों की आवाजाही तक रुक गई है।
मरीज के परिजन मुन्ना यादव ने नाराजगी जताते हुए कहा, “समस्या बहुत ज्यादा है। मरीजों को आने-जाने में परेशानी होती है, चारों ओर पानी भरा हुआ है।”
ऐसे में स्थानीय लोगों की मांग है कि नगर प्रशासन जल्द से जल्द जल निकासी की पुख्ता व्यवस्था करे, नहीं तो आने वाले दिनों में हालात और भी भयावह हो सकते हैं।
