बिहार के मुंगेर जिले से अवैध हथियार कारोबार पर बड़ी कार्रवाई की खबर सामने आई है। बरियारपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक संगठित हथियार तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने भारी मात्रा में अत्याधुनिक देसी हथियार बरामद किए हैं, जिनकी गुणवत्ता और फिनिशिंग काफी बेहतर बताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस को बरियारपुर इलाके में हथियारों की एक बड़ी खेप की डिलीवरी की सूचना मिली थी। इसके बाद बरियारपुर थाना पुलिस और आसूचना इकाई की संयुक्त टीम ने एसडीपीओ अभिषेक आनंद के नेतृत्व में कुदरकट्टा पुल के पास घेराबंदी की। इसी दौरान एक ऑटो और एक बाइक को रोककर सघन तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान ऑटो से 15 देसी पिस्टल और 30 मैगजीन बरामद की गईं। सभी हथियार पूरी तरह तैयार हालत में थे और तत्काल इस्तेमाल किए जा सकते थे, जो इस नेटवर्क की गंभीरता को दर्शाता है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भागलपुर जिले के नाथनगर निवासी राजकुमार यादव और मिर्जापुर बरदह निवासी बदरुद्दीन के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने बताया कि वे इन हथियारों की डिलीवरी के लिए जा रहे थे। एक पिस्टल की कीमत 25 से 30 हजार रुपये तक बताई गई है।
पुलिस का मानना है कि इस गिरोह के तार सिर्फ एक जिले तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अन्य जिलों और राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। मुंगेर पहले से ही अवैध हथियार निर्माण के लिए कुख्यात रहा है, और इस कार्रवाई ने एक बार फिर इंटर-डिस्ट्रिक्ट नेटवर्क की सक्रियता को उजागर कर दिया है।
एसडीपीओ अभिषेक आनंद ने बताया कि इस कार्रवाई से अवैध हथियार कारोबार को बड़ा झटका लगा है। फिलहाल दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और सप्लायर, फाइनेंसर तथा खरीदारों की पूरी चेन को खंगालने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
