पटना: 22 अप्रैल को earth day के मौके पर बिहार के दो ऐसे पर्यावरण योद्धा चर्चा में हैं, जिन्होंने सिर्फ जागरूकता ही नहीं फैलाई, बल्कि जमीन पर काम करके बदलाव की मिसाल पेश की है। शुभम कुमार और विकास चंद्र (गुड्डू बाबा) आज ‘अर्थ हीरोज’ के रूप में पहचान बना चुके हैं।
शुभम कुमार ‘नमामि गंगे’ के ब्रांड एंबेसडर हैं और उन्होंने ‘बीइंग हेल्पर’ नाम की टीम बनाई है। उनकी यह टीम पिछले 8 वर्षों से हर रविवार के घाटों की सफाई कर रही है। अब तक पटना के 16 घाटों को साफ किया जा चुका है। शुभम का कहना है कि सबसे दुखद बात यह है कि लोग आज भी डस्टबिन के बजाय प्लास्टिक कचरा सीधे गंगा में फेंक देते हैं, जिससे नदी का अस्तित्व खतरे में पड़ रहा है।
दूसरी ओर, विकास चंद्र उर्फ गुड्डू बाबा पिछले 25 सालों से गंगा को स्वच्छ बनाने के मिशन में जुटे हैं। उन्होंने 1998 में गंदे पानी में लोगों को नहाते देखा और तभी से इसे जीवन का उद्देश्य बना लिया। उनका कहना है कि प्लास्टिक न केवल जल और मिट्टी को प्रदूषित करता है, बल्कि भूजल स्तर गिराने और उर्वरता खत्म करने का भी बड़ा कारण है।
पटना नगर निगम के अनुसार, शहर में रोज करीब 9 टन प्लास्टिक कचरा निकलता है, जिसका बड़ा हिस्सा गंगा में पहुंच जाता है। जबकि 2022 से सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लागू है, फिर भी इसका इस्तेमाल खुलेआम जारी है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, प्लास्टिक से निकलने वाले रसायन हवा, पानी और भोजन के जरिए शरीर में पहुंचकर दमा, थायराइड, टीबी और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ाते हैं। वहीं बायोमेडिकल वेस्ट भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
पटना नगर निगम की महापौर सीता साहू ने लोगों से अपील की है कि वे प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करें और गंगा घाटों को साफ रखने में सहयोग दें।
पृथ्वी दिवस सिर्फ एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि हमारे अस्तित्व की लड़ाई है। जब तक सरकार, समाज और आम लोग मिलकर जिम्मेदारी नहीं निभाएंगे, तब तक गंगा को बचाना मुश्किल होगा।
