सहरसा शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर ऑटो और ई-रिक्शा चालकों से कथित रूप से की जा रही अवैध पार्किंग वसूली के मामले में जिला प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई की है। लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद चलाए गए विशेष अभियान के दौरान चार लोगों को हिरासत में लिया गया। आरोप है कि ये लोग नगर निगम की रसीद के नाम पर वाहन चालकों से अवैध रूप से पार्किंग शुल्क वसूल रहे थे।
जानकारी के अनुसार, शहर के कई प्रमुख चौक-चौराहों पर ऑटो और ई-रिक्शा चालकों से नियमों के विपरीत पैसे वसूले जाने की शिकायतें लगातार जिला प्रशासन तक पहुंच रही थीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है।
उप विकास आयुक्त (डीडीसी) गौरव कुमार ने बताया कि अवैध वसूली की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसी आधार पर जांच अभियान चलाया गया, जिसमें कई संदिग्ध लोगों की पहचान की गई और चार लोगों को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी तथा जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि इससे पहले नगर आयुक्त और उपमहापौर द्वारा शहर की पार्किंग व्यवस्था में बदलाव करते हुए वन टाइम टैक्स प्रणाली लागू किए जाने की घोषणा की गई थी। इसके बावजूद यदि लंबे समय से चौक-चौराहों पर पार्किंग शुल्क के नाम पर अवैध वसूली होती रही, तो यह बड़ा सवाल खड़ा होता है कि आखिर यह राशि किसके संरक्षण में और किन लोगों तक पहुंच रही थी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल चार लोगों की गिरफ्तारी या हिरासत से मामला समाप्त नहीं होना चाहिए। इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच होनी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि अवैध वसूली के पीछे कौन लोग शामिल थे और किसके आदेश पर यह कार्य लंबे समय से संचालित हो रहा था।
सूत्रों के अनुसार, इस मामले को लेकर नगर निगम की ओर से पहले भी सदर थाना में आवेदन दिया गया था। अब जिला प्रशासन की सख्त कार्रवाई के बाद लोगों को उम्मीद है कि पूरे अवैध वसूली नेटवर्क का खुलासा होगा और जिम्मेदार लोगों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
संवाददाता: इन्द्र देव जी, सहरसा






