सहरसा जिले के कहरा अंचल अंतर्गत बनगांव में करोड़ों रुपये मूल्य की पुश्तैनी जमीन पर कथित अवैध कब्जे की कोशिश का मामला सामने आया है। जमीन के दो दावेदारों ने अपर समाहर्ता (एडीएम) को आवेदन देकर फर्जी जमाबंदी, फर्जी केवाला, फर्जी नजरी नक्शा और भू-माफियाओं की मिलीभगत से उनकी जमीन हड़पने की साजिश रचे जाने का आरोप लगाया है। पीड़ितों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
बनगांव दक्षिण वार्ड संख्या-13 निवासी संतोष कुमार साह एवं संजय कुमार साह ने एडीएम को दिए आवेदन में बताया है कि खेसरा संख्या 1506 की लगभग 10.92 डिसमिल पुश्तैनी जमीन उनके परिवार की है। उनका कहना है कि वर्ष 2016 में विधिवत केवाला, दाखिल-खारिज और जमाबंदी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भूमि उनके नाम पर दर्ज है।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि कुछ लोगों ने कथित रूप से फर्जी केवाला, फर्जी नजरी नक्शा एवं अन्य दस्तावेज तैयार कर उसी चौहद्दी की जमीन पर अपना दावा पेश किया है और अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। पीड़ितों का कहना है कि इससे उनकी करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन हड़पने की साजिश रची जा रही है।
पीड़ितों ने यह भी बताया कि भारतमाला परियोजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग 327E के निर्माण के दौरान उनकी कुछ जमीन का अधिग्रहण हुआ था, जिसका मुआवजा भी सरकार की ओर से दिया गया था। उनका आरोप है कि सड़क बनने के बाद जमीन की कीमत में भारी वृद्धि होने से भू-माफियाओं की नजर इस भूमि पर पड़ गई है और अब जबरन कब्जे का प्रयास किया जा रहा है।
आवेदन में यह भी कहा गया है कि इस विवाद के कारण किसी भी समय अप्रिय घटना होने की आशंका बनी हुई है। पीड़ितों का कहना है कि न्याय के लिए उन्हें कई वरीय अधिकारियों के कार्यालयों का चक्कर लगाना पड़ रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
पीड़ितों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर फर्जी दस्तावेजों को निरस्त करने, जमीन पर अवैध कब्जे की किसी भी कोशिश पर तत्काल रोक लगाने तथा दोषी लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले की जांच की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात कही जा रही है।
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