सहरसा शहर के सबसे व्यस्त सुभाष चौक पर मंगलवार शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब आपसी विवाद को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते विवाद ने खूनी रूप ले लिया और बीच सड़क पर जमकर मारपीट शुरू हो गई। करीब आधे घंटे तक चले हंगामे से यातायात पूरी तरह बाधित रहा और राहगीरों में दहशत का माहौल बन गया।
मारपीट की इस घटना में सराही निवासी विकास कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि उनके पिता मनोज दास के साथ भी मारपीट की गई। घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस और डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों घायलों को तत्काल इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा, जहां उनका उपचार चल रहा है।
जानकारी के अनुसार दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद चल रहा था। इस मामले में 6 जुलाई को सदर थाना में आवेदन भी दिया गया था। मंगलवार को पुलिस ने दोनों पक्षों को समझौते के लिए बुलाया था, लेकिन बातचीत के दौरान ही विवाद इतना बढ़ गया कि मामला हाथापाई में बदल गया। इसके बाद सड़क पर खुलेआम लात-घूंसे चलने लगे।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमला करते साफ दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों का आरोप है कि सुभाष चौक के आसपास कुछ चाय दुकानों और एक ज्वेलरी दुकान के पास असामाजिक तत्वों व नशेड़ियों का अक्सर जमावड़ा लगा रहता है। आसपास स्कूल और अस्पताल होने के बावजूद इस तरह की घटनाएं लगातार हो रही हैं, जिससे आम लोगों में भय का माहौल है।
स्थानीय नागरिकों ने पुलिस प्रशासन से सुभाष चौक पर नियमित गश्त बढ़ाने की मांग की है। साथ ही असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की अपील की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल सदर थाना पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। दोनों पक्षों से पूछताछ कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।





