भागलपुर के लोदीपुर थाना क्षेत्र स्थित उर्दू मध्य विद्यालय, लोदीपुर इन दिनों जमीन विवाद को लेकर चर्चा में है। विद्यालय परिसर और उससे जुड़ी भूमि पर मालिकाना हक को लेकर ग्रामीणों, विद्यालय प्रबंधन और एक परिवार के बीच विवाद गहरा गया है। सोमवार को इस मामले को लेकर विद्यालय के शिक्षकों और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई।
विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक मो. अनबर सदाब ने बताया कि वर्ष 2025 में विद्यालय के प्रधानाध्यापक गौस रब्बानी थे। उस समय यह बात सामने आई थी कि विद्यालय के नाम पर लगभग 20 डिसमिल जमीन दर्ज है। आरोप है कि इसी जमीन पर मो. सदाब अंसारी द्वारा मकान निर्माण कराया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
ग्रामीण मो. इजहार अंसारी ने दावा किया कि वर्ष 1961 में ततारपुर के दो व्यक्तियों ने विद्यालय के लिए 20 डिसमिल जमीन दान की थी। उनका आरोप है कि वर्ष 1965 में तत्कालीन सरपंच मो. यासीन ने इस जमीन का सर्वे अपने नाम से करा लिया। वहीं मुखिया प्रतिनिधि मो. तस्लीम ने भी कहा कि विद्यालय की जमीन पंचायत भवन तक फैली हुई है और इस भूमि को विद्यालय के उपयोग के लिए दिया गया था।
विद्यालय के पूर्व छात्र मो. नाजीम रजा ने आरोप लगाया कि जिस स्थान पर मकान बनाया जा रहा है, वह विद्यालय की जमीन और कब्रिस्तान क्षेत्र का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य शुरू होने के समय से ही ग्रामीण इसका विरोध कर रहे हैं, लेकिन अब मकान का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है।
दूसरी ओर, मो. यासीन के पौत्र मो. सदाब ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि उनके दादाजी के नाम पर 1 एकड़ 58 डिसमिल जमीन दर्ज है और वे अपनी निजी जमीन पर ही मकान बना रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि संबंधित भूमि के दस्तावेज भी उनके परिवार के नाम पर हैं।
सूचना मिलने पर लोदीपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया। हालांकि विवाद अभी भी बरकरार है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जिला प्रशासन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करे, ताकि विद्यालय और वहां पढ़ने वाले छात्रों के भविष्य पर कोई संकट न आए।





