आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में सहरसा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) अजीत अमर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शुक्रवार सुबह उनके चार अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग सहित प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।
EOU की टीम सीवान जिले के रैनी गांव स्थित उनके पैतृक एवं निजी आवास, सहरसा के नया बाजार स्थित किराए के मकान, सहरसा स्थित सरकारी कार्यालय तथा छपरा की गंडक कॉलोनी स्थित सरकारी आवास पर एक साथ तलाशी अभियान चला रही है। टीम दस्तावेजों, बैंक खातों, चल-अचल संपत्तियों और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच में जुटी है।
आर्थिक अपराध इकाई की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि अजीत अमर ने अपनी ज्ञात आय से 62 लाख 20 हजार 550 रुपये अधिक की संपत्ति अर्जित की है। जांच एजेंसी के अनुसार यह राशि उनकी वैध आय की तुलना में लगभग 72.35 प्रतिशत अधिक है, जिसे आय से अधिक संपत्ति का मामला माना गया है।
जांच के दौरान यह भी जानकारी सामने आई है कि अजीत अमर करीब छह महीने पहले छपरा से स्थानांतरित होकर सहरसा आए थे। छपरा में पदस्थापन के दौरान भी उन पर कई गंभीर आरोप लगे थे। EOU के अनुसार, मात्र 32 महीने की अवधि में अजीत अमर और उनकी पत्नी के बैंक खातों में 2 करोड़ 51 लाख 6 हजार 562 रुपये के लेन-देन का पता चला है। इन लेन-देन के स्रोत और वैधता की भी जांच की जा रही है।
फिलहाल सभी ठिकानों पर तलाशी अभियान जारी है। जांच एजेंसी दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों को खंगाल रही है। छापेमारी पूरी होने के बाद बरामद सामग्री और जांच के निष्कर्षों के आधार पर EOU की ओर से विस्तृत जानकारी जारी किए जाने की संभावना है। मामले पर शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन की भी नजर बनी हुई है। यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
संवाददाता: इन्द्रदेव जी






