समस्तीपुर। विभूतिपुर थाना क्षेत्र की खास टभका दक्षिण पंचायत के वार्ड-9 स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय चकविदौलिया में गुरुवार को बड़ा हादसा हो गया। स्कूल परिसर में वर्षों से सूखा खड़ा विशाल बरगद का पेड़ अचानक भरभराकर गिर गया। पेड़ की चपेट में आने से तीन छात्राओं की मौत हो गई। हादसे के बाद स्कूल से लेकर पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
जानकारी के अनुसार हादसे के समय स्कूल में बच्चे मध्याह्न भोजन कर चुके थे। इसके बाद तीन छात्राएं पानी पीने और शौचालय जाने के लिए चापाकल के पास गई थीं। इसी दौरान अचानक सूखा बरगद का विशाल पेड़ गिर पड़ा। हादसे में पायल कुमारी और सपना कुमारी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल गुलनाज खातून को इलाज के लिए बेगूसराय के निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई।
मृतकों की पहचान वार्ड-13 निवासी अमरजीत ठाकुर की बेटी पायल कुमारी उर्फ अनन्या, कक्षा-5, वार्ड-10 निवासी राम कुमार महतो की बेटी सपना कुमारी, कक्षा-4 और वार्ड-10 निवासी मो. ताजिम की आठ वर्षीय बेटी गुलनाज खातून, कक्षा-2 के रूप में हुई है।
चार-पांच साल से सूखा था पेड़
विद्यालय के प्रधानाध्यापक मनोज कुमार चौधरी के अनुसार, बरगद का पेड़ करीब चार-पांच साल से सूखा खड़ा था। इसे कटवाने के लिए कई बार कहा गया था, लेकिन आपसी विवाद के कारण पेड़ नहीं काटा जा सका। हादसे के वक्त विद्यालय परिसर में करीब 300 बच्चे मौजूद थे। प्रधानाध्यापक का कहना है कि यदि पेड़ मध्याह्न भोजन के दौरान गिरता तो स्थिति और भयावह हो सकती थी।
परिसर में दो और सूखे पेड़ों से खतरा
ग्रामीणों के मुताबिक विद्यालय परिसर में अभी भी दो और सूखे पेड़ खड़े हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे परिसर की जांच कराने और खतरा बने पेड़ों को हटाने की मांग की है।
घटना की सूचना मिलते ही रोसड़ा एसडीओ पूजा कुमारी, एसडीपीओ संजय कुमार सिन्हा, बीडीओ सुनील कुमार, सीओ चंद्रशेखर और थानाध्यक्ष सुनील कुमार झा मौके पर पहुंचे। बीडीओ ने बताया कि दो मृत छात्राओं के परिजनों को तत्काल 20-20 हजार रुपये की सहायता दी गई है। तीसरी छात्रा के परिजन को भी सहायता दी जाएगी। तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
हादसे के बाद तीनों परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। वहीं, घटना ने विद्यालय परिसर में बच्चों की सुरक्षा और लंबे समय से सूखे पेड़ों को हटाने की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।






