
पटना: बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और आरजेडी के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय स्थित सरदार पटेल भवन पहुंचकर डीजीपी विनय कुमार से मुलाकात की। मुलाकात के बाद तेजस्वी यादव ने छात्र आंदोलन के दौरान तीन छात्रों पर कथित तौर पर AK-47 से गोली चलाए जाने के मामले को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
तेजस्वी यादव ने कहा कि उन्होंने पूरे मामले की जानकारी डीजीपी को दी है। उनके मुताबिक, डीजीपी विनय कुमार ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। तेजस्वी ने कहा कि अगर छात्र आंदोलन के दौरान वास्तव में AK-47 जैसे हथियार का इस्तेमाल हुआ है, तो इसकी विस्तृत जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
मीडिया से बातचीत में तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा AK-47 के इस्तेमाल का आदेश ऊपर से दिया गया हो सकता है। हालांकि, उन्होंने अपने आरोप के समर्थन में कोई सार्वजनिक साक्ष्य पेश नहीं किया।
तेजस्वी यादव ने कहा कि जनता यह जानना चाहती है कि आखिर AK-47 चलाने का आदेश किसने दिया। उन्होंने कहा कि जब तक मामले में कार्रवाई और न्याय नहीं होता, आरजेडी चुप नहीं बैठेगी।
तेजस्वी ने यह भी बताया कि आरजेडी का एक प्रतिनिधिमंडल उन तीन छात्रों के परिजनों से मिलने गया है, जिनके घायल होने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं भी घायल छात्रों से मुलाकात कर चुके हैं और उनकी स्थिति की जानकारी ली थी।
इसके साथ ही तेजस्वी यादव ने संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि जांच में पुलिस की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, 25 जुलाई को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान सिवान में AK-47 राइफल के इस्तेमाल का मामला सामने आया था। बाद में सिवान के एसपी पूरन कुमार झा ने आरोपी सिपाही अभिषेक कुमार को निलंबित कर दिया था। अब तेजस्वी यादव ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।





