बड़ी खबर बगहा से है, जहां गंडक नदी के बढ़े जलस्तर से दियारा इलाके का पूरा निचला हिस्सा पानी में डूब गया है। दर्जनों घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है, जिसके बाद सैकड़ों परिवार मवेशियों के साथ ऊंचे स्थानों, मुख्य मार्ग और तटबंधों पर शरण लेने को मजबूर हैं। बाढ़ पीड़ित सरकारी स्तर पर भोजन, पानी, दवाइयों और राहत सामग्री का इंतजार कर रहे हैं।
इसी बीच वाल्मीकिनगर के विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और पीड़ित परिवारों के बीच सूखा राशन और नगद राशि का वितरण किया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के संभावित दौरे की सूचना के बाद विधायक वाल्मीकिनगर के लिए रवाना हुए।
दरअसल, नेपाल में लगातार हुई भारी बारिश के बाद इलाके में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। मधुबनी प्रखंड की सिसई और चिउरही पंचायतों में करीब 1100 परिवार बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई घरों में नदी का पानी घुस चुका है।
वहीं, बाढ़ के बीच सिंचाई विभाग के कार्य में जुटे महेश मुसहर के नदी के समीप से लापता होने की सूचना से हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों को आशंका है कि महेश नदी में डूब गए हैं। सोमवार दोपहर करीब दो बजे से बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुटे हैं और एसडीआरएफ की टीम बुलाकर तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू करने की मांग कर रहे हैं।
वाल्मीकिनगर विधायक ने बताया कि अंचल अधिकारी समेत संबंधित अधिकारियों को घटना की सूचना दे दी गई है। धनहा थाना की पुलिस मौके पर मौजूद है और प्रशासन की ओर से खोजबीन की जा रही है। महेश मुसहर के लापता होने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बाढ़ प्रभावित सिसई और चिउरही पंचायत के रेवहिया, नैनहा समेत कई इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर विस्थापन, भोजन, पानी और दवाइयों सहित सरकारी मदद का इंतजार है।







