पटना: बिहार विधान परिषद की 10 सीटों के लिए 10 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल कर दिया है। सभी उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचित होना लगभग तय माना जा रहा है। इनमें एनडीए के 9 और राजद के 1 उम्मीदवार शामिल हैं। नामांकन के साथ उम्मीदवारों ने अपनी चल-अचल संपत्ति और अन्य विवरण भी शपथ पत्र में प्रस्तुत किए हैं।
सबसे अधिक संपत्ति भोजपुरी गायक और उम्मीदवार पवन सिंह के पास है। उनके पास लगभग 19.44 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति है। वे कई लग्जरी वाहनों के मालिक हैं, जिनमें टोयोटा फॉर्च्यूनर, लेजेंडर, लैंड क्रूजर, महिंद्रा थार और स्कॉर्पियो शामिल हैं। उनके पास करीब 70 लाख रुपये मूल्य का सोना भी है। शपथ पत्र के अनुसार उनके खिलाफ छह आपराधिक मामले दर्ज हैं।
राजद उम्मीदवार सुनील सिंह लगभग 10.87 करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक हैं। उनके पास कई वाहन, 61 लाख रुपये के आभूषण तथा एक लाइसेंसी रिवॉल्वर है। उनके खिलाफ आठ आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार के पास करीब 4.63 करोड़ रुपये की संपत्ति है। उन्होंने बैंक एफडी, म्यूचुअल फंड और अन्य योजनाओं में निवेश किया है। उनके पास हुंडई ग्रैंड आई-10 और किया सेल्टोस जैसी गाड़ियां हैं। उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। शपथ पत्र में यह भी उल्लेख है कि उन्होंने बीआईटी मेसरा में इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू की थी, लेकिन कोर्स पूरा नहीं कर सके।
जदयू उम्मीदवार भारती मेहता के पास भी करोड़ों रुपये की संपत्ति है। उनके पास 620 ग्राम सोना, 700 ग्राम चांदी और हीरा सहित कई मूल्यवान आभूषण हैं। इसके अलावा उनके पास कृषि भूमि, आवासीय फ्लैट और टोयोटा इनोवा वाहन भी है।
भाजपा उम्मीदवार संजय मयूख के पास लगभग 1.76 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और टाटा सफारी कार है। उनके खिलाफ एक मामला दर्ज है। वहीं जदयू के ललन प्रसाद के पास सीमित संपत्ति, एक मोटरसाइकिल और सोने की अंगूठी है। भाजपा उम्मीदवार अनिल ठाकुर ने अपनी आय, कृषि भूमि, सोना-चांदी तथा वाहनों का भी विवरण शपथ पत्र में दिया है।
उम्मीदवारों की ओर से घोषित संपत्तियों ने इस चुनाव को चर्चा का विषय बना दिया है।