कोईलवर। संतान की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और स्वस्थ जीवन की कामना को लेकर माताओं द्वारा रखा जाने वाला जिउतिया व्रत इस वर्ष भी श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया। पर्व को लेकर कोईलवर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही महिलाएं व्रत और पूजा की तैयारियों में जुटी रहीं।
जिउतिया पर्व को लेकर स्थानीय बाजारों में भी चहल-पहल बनी रही। पूजा सामग्री, फल, मिठाई और अन्य जरूरी सामानों की खरीदारी के लिए दुकानों पर महिलाओं की भीड़ देखने को मिली। पर्व की परंपरा के अनुसार महिलाओं ने पूजा-अर्चना कर अपनी संतान की लंबी उम्र और स्वस्थ जीवन की कामना की।
सोन नदी घाट पर जुटीं हजारों महिलाएं
जिउतिया पर्व के अवसर पर कोईलवर के दिनेश्वरनाथ धाम स्थित सोन नदी घाट पर हजारों की संख्या में महिला श्रद्धालु पहुंचीं। नगर पंचायत कोईलवर समेत आसपास के विभिन्न इलाकों से आई महिलाओं ने सोन नदी में स्नान किया और इसके बाद विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
घाट पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। महिलाओं ने पूजा के दौरान भगवान जीमूतवाहन का स्मरण कर अपनी संतान की रक्षा, लंबी आयु और परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना की।
कठिन व्रतों में शामिल है जिउतिया
मान्यता के अनुसार जिउतिया व्रत माताएं अपनी संतान की दीर्घायु और उनके सुखी एवं स्वस्थ जीवन की कामना के लिए रखती हैं। इसे कठिन व्रतों में शामिल माना जाता है। कई महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और अगले दिन विधि-विधान के साथ व्रत का पारण करती हैं।
पर्व को लेकर घरों में भी विशेष तैयारियां की गईं। महिलाओं ने पूजा के लिए आवश्यक सामग्री जुटाई और परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर पर्व की परंपराओं का पालन किया।
ग्रामीण क्षेत्रों में जिउतिया को लेकर विशेष उत्साह नजर आया। नदी घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए स्थानीय स्तर पर भी व्यवस्थाएं की गईं। पूरे क्षेत्र में दिनभर धार्मिक माहौल बना रहा और महिलाओं ने श्रद्धा के साथ भगवान जीमूतवाहन की पूजा कर संतान के उज्ज्वल और सुरक्षित भविष्य की कामना की।






