भागलपुर। बिहार के भागलपुर में बाढ़ की त्रासदी के बीच राहत व्यवस्था को लेकर सियासत तेज हो गई है। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय प्रवक्ता ज्योति कुमार सिंह मंगलवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बाढ़पीड़ितों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया और करीब 100 लोगों को सूखा नाश्ता उपलब्ध कराया। राहत वितरण के साथ उन्होंने जिला प्रशासन की व्यवस्था पर कई सवाल उठाए।
ज्योति कुमार सिंह ने कहा कि सूखा नाश्ता बांटने का उद्देश्य केवल राहत पहुंचाना नहीं है, बल्कि जिला प्रशासन और अंचल स्तर के अधिकारियों को यह एहसास कराना भी है कि बाढ़पीड़ितों को दो वक्त के भोजन के साथ सुबह के नाश्ते की भी जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को बाढ़ प्रभावित इलाकों में जमीन पर पहुंचकर लोगों की वास्तविक समस्याओं को समझना चाहिए।
कांग्रेस प्रवक्ता ने प्रशासन पर तंज कसते हुए कहा कि बाढ़पीड़ितों से मिलने पहुंचने वाले कई लोग खुद नाश्ता करके आते हैं, जबकि प्रभावित परिवारों को नाश्ते के लिए भी इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने राहत व्यवस्था को अधिक संवेदनशील और प्रभावी बनाने की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मंत्री, सांसद और विधायकों को बुलाया जाता है, लेकिन विपक्षी नेताओं और जनप्रतिनिधियों को राहत कार्यों में शामिल नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि आपदा के समय राजनीति से ऊपर उठकर सभी जनप्रतिनिधियों को राहत कार्य में भाग लेने का अवसर मिलना चाहिए।
ज्योति कुमार सिंह ने कहा कि कई बाढ़पीड़ित गैस सिलेंडर और जरूरी सामान साथ लेकर रहने को मजबूर हैं। उनके मुताबिक, यह सरकार की राहत व्यवस्था में कमी का संकेत है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष बाढ़ राहत पर खर्च होने वाली राशि के साथ दीर्घकालिक समाधान पर भी ध्यान देना चाहिए। मजबूत तटबंध और बाढ़रोधी व्यवस्था पर अधिक निवेश कर हर साल होने वाली परेशानी को कम किया जा सकता है।
उन्होंने जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि बाढ़पीड़ितों की समस्याओं की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और राहत व्यवस्था में तत्काल सुधार जरूरी है।






