सहरसा। नगर पंचायत सोनवर्षाराज में कार्यरत सफाईकर्मियों की विभिन्न मांगों और कथित शोषण के विरोध में मंगलवार को समाहरणालय गेट पर धरना-प्रदर्शन किया गया। अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के अध्यक्ष कुशाग्र कुमार गब्बर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में हड़ताली सफाईकर्मी समाहरणालय पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इसके बाद जिलाधिकारी को मांग पत्र सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की गई।
संघ अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत सोनवर्षाराज के मुख्य पार्षद मनीष कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी नवीन कुमार तथा सफाई एजेंसी बख्तियारपुर ट्रेडर्स और प्रिय रंजन की ओर से सफाईकर्मियों का कथित रूप से शोषण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सफाईकर्मियों की हड़ताल पिछले आठ दिनों से जारी है, लेकिन अब तक मुख्य पार्षद की ओर से मजदूरों से वार्ता की पहल नहीं की गई है।
गब्बर ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत में स्वीकृत पदों की तुलना में केवल 84 सफाईकर्मियों से काम कराया जा रहा है। उन्होंने सफाई कार्य के लिए सरकार से मिलने वाली राशि में कथित तौर पर फर्जी सफाईकर्मियों के नाम जोड़कर राशि की अवैध निकासी किए जाने का आरोप भी लगाया।
इसके अलावा झाड़ू, जूता, वर्दी, दस्ताना, मास्क, साबुन, हेलमेट, कुदाल और खंती समेत आवश्यक सफाई उपकरणों के वास्तविक वितरण के बजाय अभिलेखों में ही वितरण दिखाकर राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया।
संघ ने रिक्त पदों पर दैनिक वेतनभोगी सफाईकर्मियों की नियुक्ति की मांग की है। संघ अध्यक्ष के अनुसार, कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश पर नाला सफाई के लिए 37 सफाईकर्मियों को रखा गया था, जिन्हें करीब ढाई महीने बाद हटा दिया गया।
सफाईकर्मियों ने समय पर वेतन नहीं मिलने और निर्धारित वेतन से कटौती किए जाने का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि वेतन से ईपीएफ की राशि काटे जाने के बावजूद उसे खातों में जमा नहीं किया जाता है। संघ ने सभी सफाईकर्मियों को प्रतिमाह 12 हजार रुपये वेतन और अन्य निर्धारित सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने की मांग की।
धरना के दौरान सफाईकर्मियों ने नारेबाजी कर अपनी मांगें रखीं और जिलाधिकारी से पूरे मामले की जांच कर जल्द समाधान कराने की मांग की।





