सहरसा। सदर अस्पताल में खबर संकलन के दौरान पत्रकार के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार के मामले में कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। मंगलवार को विभिन्न मीडिया संस्थानों से जुड़े पत्रकारों का शिष्टमंडल जिलाधिकारी दीपेश कुमार से मिला और उन्हें ज्ञापन सौंपकर मामले में न्यायोचित कार्रवाई की मांग की। पत्रकारों ने चेतावनी दी कि जल्द कार्रवाई नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
ज्ञापन में बताया गया कि 12 सितंबर को प्रभात खबर के डिजिटल रिपोर्टर अभिषेक कुमार के साथ सदर अस्पताल में खबर संकलन के दौरान कथित तौर पर मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया। पत्रकारों का आरोप है कि प्रभारी अधीक्षक डॉ. एसके आजाद, अस्पताल प्रबंधक सिंपी कुमारी, चिकित्सक डॉ. रौशन लाल, डॉ. नीरज कुमार नीरव, डॉ. नफीज सोहेल, कर्मी मो. रफीक सहित 20-25 अज्ञात लोगों ने पत्रकार को ऑपरेशन थिएटर स्थित एक कमरे में बंद कर मारपीट की। पत्रकार की ओर से गाली-गलौज और लूटपाट के भी आरोप लगाए गए हैं। घटना में घायल अभिषेक कुमार का इलाज कराया गया।
पत्रकार संगठनों ने नामजद आरोपितों के साथ अन्य संलिप्त लोगों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की। इसके अलावा लंबे समय से सदर अस्पताल में पदस्थापित डॉ. एसके आजाद को हटाने, अस्पताल प्रबंधक सिंपी कुमारी के कार्यकाल में हुए वित्तीय कार्यों की जांच और उनकी नियुक्ति की भी जांच कराने की मांग की गई।
बैठक के दौरान डीएम की ओर से गठित हाई लेवल कमेटी के अध्यक्ष सह डीडीसी गौरव कुमार, सदर एसडीओ श्रीयांश तिवारी और एसडीपीओ राजेश कुमार सिंह मौजूद रहे। डीएम ने पीड़ित पत्रकार अभिषेक कुमार से घटना की विस्तृत जानकारी ली और आश्वासन दिया कि दोनों पक्षों से प्राप्त तथ्यों को राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग को भेजकर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस दौरान प्रभात खबर के ब्यूरो चीफ दीपांकर श्रीवास्तव ने स्टोर रूम के पास लगे सीसीटीवी कैमरे का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के समय कैमरा मौजूद था, लेकिन बाद के फुटेज में उसके हटाए जाने की स्थिति दिखाई देती है। संबंधित वीडियो फुटेज भी डीएम को दिखाया गया।
पत्रकारों ने कहा कि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो धरना, विरोध मार्च और प्रशासनिक खबरों के बहिष्कार समेत चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।





