
सहरसा। जिले के महिषी अंचल में न्यायालय के रोक आदेश के बावजूद विवादित जमीन का दाखिल-खारिज किए जाने का मामला सामने आया है। मामले को लेकर मुरली निवासी शुभंकर चौधरी ने जिलाधिकारी सहित वरीय अधिकारियों को आवेदन देकर निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
आवेदक शुभंकर चौधरी के अनुसार, महिषी अंचल के आरापट्टी मौजा स्थित विवादित जमीन पर उनके परिवार का 80 वर्षों से अधिक समय से दखल-कब्जा है। उनका दावा है कि यह जमीन उनके परदादा के दादा कंचन चौधरी के नाम से चली आ रही थी। नए सर्वे के दौरान उक्त जमीन का खाता रघुनाथ झा के नाम खोले जाने को उन्होंने गलत बताया है।
शुभंकर चौधरी के मुताबिक, बाद में जमीन बालगोविंद झा के नाम दर्ज हुई। इसके बाद रघुनाथ कुमार झा के पोते ने उक्त जमीन अमित कुमार चौधरी के हाथों बेच दी। जमीन के स्वामित्व और कब्जे को लेकर उन्होंने टाइटल सूट संख्या 270 दायर कर रखा है। इसके अलावा प्रखंड कार्यालय और सहयोग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराने की बात कही गई है।
आवेदक ने महिषी अंचल के कर्मचारी विकास कुमार और राजस्व अधिकारी (आरओ) मनीषा पर दाखिल-खारिज के मामले में 80 हजार रुपये की मांग किए जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में उनके पास ऑडियो, वीडियो और कॉल रिकॉर्डिंग भी मौजूद हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
शुभंकर चौधरी का कहना है कि अपर समाहर्ता न्यायालय की ओर से बिना जांच के दाखिल-खारिज नहीं करने का आदेश जारी किया गया था। उनके अनुसार, यह आदेश अंचल कार्यालय में छठे महीने की 3 तारीख को पहुंच गया था। इसके बावजूद नौवें महीने की 6 तारीख को दाखिल-खारिज वाद का निपटारा कर दिया गया।
आवेदक के अनुसार, दाखिल-खारिज संख्या 415/2026-27 में विवादित जमीन का दाखिल-खारिज दूसरे व्यक्ति के नाम कर दिया गया। उन्होंने जिलाधिकारी और वरीय अधिकारियों से पूरे मामले की स्थलीय जांच कराने तथा आरोप सही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।





