जामताड़ा। जिले के नाला प्रखंड में वन विभाग की टीम ने घायल अवस्था में मिले एक लंगूर का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर मानवता और वन्यजीव संरक्षण की मिसाल पेश की है। अंधारशोला गांव में घायल लंगूर मिलने की सूचना के बाद नाला वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे सुरक्षित रेस्क्यू किया। प्राथमिक उपचार के बाद लंगूर को बेहतर देखभाल के लिए नाला वन विभाग परिसर में रखा गया है, जहां वनकर्मियों की निगरानी में उसका इलाज और देखभाल जारी है।
जानकारी के अनुसार, सोमवार को अंधारशोला गांव के ग्रामीणों ने एक लंगूर को घायल अवस्था में पड़ा देखा। लंगूर की स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना नाला वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।
वनकर्मियों ने सावधानीपूर्वक घायल लंगूर को रेस्क्यू किया। टीम ने यह सुनिश्चित किया कि रेस्क्यू के दौरान लंगूर को किसी प्रकार की अतिरिक्त चोट न पहुंचे। इसके बाद उसे तत्काल इलाज के लिए नाला के पशु चिकित्सा पदाधिकारी के पास ले जाया गया।
पशु चिकित्सक द्वारा लंगूर का प्राथमिक उपचार किया गया। उपचार के बाद उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखने और पूरी तरह स्वस्थ होने तक बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने के लिए उसे नाला वन विभाग कैंपस लाया गया। यहां वनकर्मी उसकी स्वास्थ्य स्थिति की नियमित निगरानी कर रहे हैं।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि लंगूर के पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उसे सुरक्षित रूप से उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया जाएगा। विभाग का उद्देश्य घायल वन्यजीव को उचित उपचार उपलब्ध कराना और उसके स्वस्थ होने के बाद प्राकृतिक वातावरण में वापस भेजना है।
इस रेस्क्यू अभियान में हेड फॉरेस्ट गार्ड पुलक कुमार माल के अलावा राजकुमार दास, रोबिन दास, काजल लोहार सहित अन्य वनकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वन विभाग की त्वरित कार्रवाई और घायल लंगूर के सफल रेस्क्यू की ग्रामीणों ने सराहना की है। ग्रामीणों का कहना है कि सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने बिना देरी किए मौके पर पहुंचकर घायल वन्यजीव की जान बचाने के लिए जरूरी कदम उठाए।
फिलहाल घायल लंगूर नाला वन विभाग परिसर में वनकर्मियों की देखरेख में है। उसके स्वास्थ्य में पूरी तरह सुधार होने के बाद विभाग उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ने की तैयारी करेगा।
संवाददाता- संतोष कुमार








