धनबाद: झारखंड में भर्ती व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बनाने की मांग को लेकर अभ्यर्थी न्याय मंच की ओर से चलाया जा रहा ‘भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा’ अभियान मंगलवार को धनबाद पहुंचा। इस अभियान के तहत अभ्यर्थियों और युवाओं ने जिले के विभिन्न प्रमुख मार्गों से पदयात्रा निकालकर भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग उठाई।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, पदयात्रा की शुरुआत सुबह करीब नौ बजे बलियापुर स्थित बिनोद धाम से की गई। इसके बाद यात्रा किसान चौक, मनिंद्र नाथ मंडल चौक यानी मेमको मोड़ से होते हुए कांबाइंड बिल्डिंग, सिटी सेंटर की ओर बढ़ी। पदयात्रा का प्रमुख पड़ाव रणधीर वर्मा चौक निर्धारित किया गया है, जहां अभ्यर्थियों की ओर से भर्ती व्यवस्था में सुधार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। इसके बाद प्रभु चौक और पुटकी मोड़ की दिशा में भी कार्यक्रम प्रस्तावित है।
अभ्यर्थी न्याय मंच का कहना है कि झारखंड में विभिन्न भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर लंबे समय से अभ्यर्थियों के बीच असंतोष बना हुआ है। संगठन का आरोप है कि प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी, कथित अनियमितताओं तथा लंबित मामलों के कारण युवाओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
यात्रा के दौरान युवाओं और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को जागरूक किया जा रहा है। आंदोलन से जुड़े लोगों ने भर्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच व्यवस्था और समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि युवाओं को रोजगार से जुड़े अवसरों में किसी भी प्रकार की अनियमितता या भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।
‘भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा’ को राज्यव्यापी अभियान के रूप में चलाने की योजना बनाई गई है। अभ्यर्थी न्याय मंच ने झारखंड के सभी 24 जिलों तक पहुंचकर युवाओं को जोड़ने और भर्ती व्यवस्था से संबंधित मुद्दों को व्यापक स्तर पर उठाने का कार्यक्रम तय किया है।
धनबाद के बाद यात्रा के अगले चरणों में बोकारो सहित अन्य जिलों में भी कार्यक्रम आयोजित किए जाने हैं। संगठन का उद्देश्य विभिन्न जिलों के अभ्यर्थियों की समस्याओं को एक मंच पर लाकर भर्ती व्यवस्था में आवश्यक सुधार के लिए सरकार और संबंधित विभागों तक अपनी मांग पहुंचाना है।
अभ्यर्थी न्याय मंच से जुड़े लोगों का कहना है कि यह अभियान युवाओं के अधिकारों और निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था की मांग को लेकर आगे भी जारी रहेगा।








