सहरसा: दिवंगत पूर्वजों और समाज की सम्मानित विभूतियों की स्मृति को जीवंत बनाए रखने के उद्देश्य से जायसवाल समाज ने एक अनूठी सामाजिक पहल की। पूरब बाजार स्थित श्री रामजानकी चौधरी ठाकुरबाड़ी परिसर में समाज के दिवंगत सदस्यों की स्मृति में पौधारोपण, श्रद्धांजलि एवं दीपांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से समाज ने संदेश दिया कि पूर्वजों की स्मृतियों को केवल तस्वीरों और शब्दों तक सीमित न रखकर प्रकृति से जोड़ते हुए आने वाली पीढ़ियों तक जीवित रखा जा सकता है।
कार्यक्रम का मंच संचालन संयोजक कुमार अमर ज्योति ने किया, जबकि अध्यक्षता भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सह जायसवाल समाज के प्रमंडलीय संयोजक माधव चौधरी ने की। कार्यक्रम की शुरुआत ठाकुरबाड़ी परिसर में पौधारोपण से हुई। इस दौरान समाज के दिवंगत सदस्यों और सम्मानित विभूतियों की स्मृति में पौधे लगाए गए।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि प्रत्येक पौधा दिवंगतजनों के जीवन, उनके योगदान, संस्कार और सामाजिक मूल्यों का प्रतीक बनेगा। पौधों के वृक्ष बनने के साथ ही पूर्वजों की स्मृतियां भी आने वाली पीढ़ियों तक जीवित रहेंगी। इस पहल में समाज के सैकड़ों सदस्यों ने भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पूर्वजों के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
पौधारोपण के बाद ठाकुरबाड़ी के सभागार में ‘हरे राम, हरे कृष्ण’ संकीर्तन के बीच श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। उपस्थित लोगों ने दीप प्रज्वलित कर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धापूर्वक नमन किया। दिवंगत परिवारों और समाज की विभूतियों के चित्रों पर पुष्पवर्षा एवं पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।
सभा में वक्ताओं ने दिवंगत विभूतियों द्वारा समाज, परिवार और श्री रामजानकी चौधरी ठाकुरबाड़ी के लिए किए गए कार्यों और उनके योगदान को याद किया। विशेष रूप से ठाकुरबाड़ी के कोषाध्यक्ष रहे स्वर्गीय सुरेन्द्र चौधरी के आकस्मिक निधन सहित बीते एक वर्ष के दौरान समाज के कई सम्मानित और प्रेरणास्रोत व्यक्तित्वों के निधन को अपूरणीय क्षति बताया गया।
वक्ताओं ने कहा कि दिवंगतजनों की कमी भले ही कभी पूरी नहीं हो सकती, लेकिन उनके संस्कार, विचार और सामाजिक योगदान हमेशा समाज को मार्गदर्शन देते रहेंगे। कार्यक्रम में उपस्थित सदस्यों ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में नरेश जायसवाल, सुरेन्द्र जायसवाल, भवेश चौधरी, कृष्ण मोहन चौधरी, बालकराम चौधरी, योगेन्द्र चौधरी, घनश्याम चौधरी, राजकिशोर चौधरी, संजीव जायसवाल सहित बड़ी संख्या में समाज के सदस्य एवं महिलाएं उपस्थित रहे।






