बोकारो के कुमार मंगलम स्टेडियम में चल रही सेकंड एनटीपीसी राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में रविवार को जूनियर वर्ग के मुकाबले हुए। झारखंड के खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में तीन कांस्य पदक हासिल किए, लेकिन राज्य की झोली में एक भी स्वर्ण पदक नहीं आया। खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रशिक्षण और खेल सुविधाओं को और मजबूत करने की जरूरत बताई।
जूनियर रिकर्व पुरुष वर्ग में मेघालय के देवराज मोहापात्रा ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि ओडिशा के रसानंदा बिरुआ ने रजत पदक हासिल किया। झारखंड-बोकारो के अंतरराष्ट्रीय तीरंदाज गोल्डी मिश्रा ने कांस्य पदक जीतकर राज्य का खाता खोला। वहीं जूनियर रिकर्व महिला वर्ग में हरियाणा की कीर्ति ने स्वर्ण पदक जीता और झारखंड की सौरभी पाल ने कांस्य पदक अपने नाम किया।
रविवार शाम राज्य तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। जिला तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष लंबोदर महतो और सचिव एंजेला सिंह ने उनका स्वागत किया।
अंतरराष्ट्रीय तीरंदाज गोल्डी मिश्रा ने कहा कि झारखंड के खिलाड़ियों में प्रतिभा की कमी नहीं है, लेकिन बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण और खेल सुविधाओं की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने से खिलाड़ियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं अर्जुन मुंडा ने प्रतियोगिता के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि वे किसी की आलोचना नहीं करना चाहते, लेकिन झारखंड सरकार को खिलाड़ियों को अपेक्षित सहयोग देना चाहिए। जिला आर्चरी संघ की सचिव एंजेला सिंह ने भी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बेहतर संसाधनों के अभाव में झारखंड के कई खिलाड़ी दूसरे राज्यों से खेलने को मजबूर हैं।
अब खिलाड़ियों को उम्मीद है कि राज्य में प्रशिक्षण और खेल सुविधाओं को बढ़ावा देकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन का अवसर मिलेगा।








