सावन की चौथी और अंतिम सोमवारी के मौके पर भागलपुर के सुल्तानगंज में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। नमामि गंगे घाट से लेकर अजगैबीनाथ गंगा घाट तक बड़ी संख्या में शिवभक्तों की भीड़ नजर आ रही है। पूरा सुल्तानगंज गेरुआ रंग में रंगा दिखाई दे रहा है। चारों ओर हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारे गूंज रहे हैं।
अंतिम सोमवारी को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में कांवरिया और शिवभक्त सुल्तानगंज पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु उत्तरवाहिनी गंगा में आस्था की डुबकी लगाने के बाद कांवड़ में पवित्र गंगाजल भर रहे हैं और बाबा बैद्यनाथ को जल अर्पित करने के संकल्प के साथ देवघर की ओर रवाना हो रहे हैं।
गंगा घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। घाटों पर हर तरफ भक्ति और उत्साह का माहौल है। गंगाजल भरने के बाद कांवरियों का जत्था पैदल ही देवघर की ओर बढ़ रहा है। कांवरियों के जयकारों और भक्ति गीतों से पूरा सुल्तानगंज शिवमय हो गया है।
अंतिम सोमवारी के अवसर पर बाबा बैद्यनाथ को जल चढ़ाने के लिए कांवरियों में विशेष उत्साह है। कई श्रद्धालु कठिन पैदल यात्रा की शुरुआत कर चुके हैं, जबकि लगातार नए जत्थे सुल्तानगंज पहुंच रहे हैं। कांवरियों के गेरुआ वस्त्र और कंधे पर सजी कांवड़ पूरे इलाके में धार्मिक माहौल को और भी खास बना रही है।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की ओर से भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की गई है। घाटों और प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के साथ भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान रखा जा रहा है।
सुल्तानगंज से देवघर तक जाने वाले कांवरिया पथ पर भी लगातार श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है। अंतिम सोमवारी पर उमड़ी भीड़ ने एक बार फिर सुल्तानगंज की धार्मिक आस्था और कांवरिया यात्रा की भव्यता को सामने ला दिया है।





