NEET पेपर लीक को लेकर देशभर में छात्रों के तीव्र आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर ने राष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। इसी बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के अचानक दिल्ली रवाना होने से राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने दावा किया है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार देवेंद्र फडणवीस को नई शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी सौंप सकती है।
संजय राउत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इस बात का संकेत है कि जनता के दबाव के आगे सरकार को झुकना पड़ा। उन्होंने लिखा कि यह साबित करता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी अजेय नहीं हैं और लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे बड़ी होती है।
मीडिया से बातचीत में राउत ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस उच्च शिक्षित, पेशे से वकील और प्रशासनिक अनुभव रखने वाले नेता हैं। इसलिए उन्हें केंद्र सरकार में शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि भाजपा या केंद्र सरकार की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
राउत ने यह भी आरोप लगाया कि NEET पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के देशव्यापी आंदोलन के दबाव के कारण सरकार को यह फैसला लेना पड़ा। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राज्य के बड़े राजनीतिक फैसले दिल्ली से तय होते हैं।
इस बीच बिहार में भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। कुछ लोगों की ओर से यह मांग उठाई जा रही है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को देश का अगला शिक्षा मंत्री बनाया जाए। समर्थकों का कहना है कि उनके प्रशासनिक अनुभव और लंबे राजनीतिक कार्यकाल का लाभ देश की शिक्षा व्यवस्था को मिल सकता है। हालांकि यह केवल राजनीतिक मांग है और इस संबंध में केंद्र सरकार की ओर से कोई आधिकारिक संकेत या घोषणा नहीं की गई है।
अब सभी की नजर भाजपा नेतृत्व के अगले फैसले पर टिकी है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की कमान आखिर किसे सौंपी जाती है।






