
शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया। भागलपुर जिला शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक संघ के अध्यक्ष अभय मिश्रा के नेतृत्व में अनुदेशकों की टीम मुंगेर जिले के तारापुर स्थित लखनपुर पहुंची। यहां मुख्यमंत्री के पैतृक आवास पर उनकी मां की पुण्यतिथि के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
इस दौरान भागलपुर जिले से अभय मिश्रा और रविंद्र कुमार के साथ मुंगेर जिले से संतोष कुमार, मृत्युंजय कुमार, सत्येंद्र कुमार, विजय कुमार और प्रदीप कुमार सहित अन्य अनुदेशक मौजूद रहे। टीम ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के दौरान उनसे अपनी बात रखने का प्रयास किया। वहीं, मुख्यमंत्री के वापस पटना रवाना होने के समय भी अनुदेशकों ने दोबारा आवेदन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया।
अनुदेशकों का कहना है कि वर्ष 2022 में शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशकों की बहाली की गई थी। नियुक्ति के समय उन्हें महज 8 हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जाता था और कार्य को अंशकालिक रखा गया था। इसके बाद अनुदेशकों ने अपने अधिकार और मांगों को लेकर लगातार जनप्रतिनिधियों से मुलाकात, धरना-प्रदर्शन और आंदोलन किए। आंदोलन के दौरान कई बार पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज का भी सामना करना पड़ा।
अनुदेशकों के मुताबिक चुनाव के समय उनके मानदेय को बढ़ाकर 16 हजार रुपये प्रतिमाह किया गया, लेकिन उनकी सबसे महत्वपूर्ण मांग अब भी पूरी नहीं हुई है। अनुदेशक अंशकालिक के बजाय पूर्णकालिक कार्य की व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहे हैं।
अभय मिश्रा ने बताया कि शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक लगातार अपनी मांग को सरकार तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री को आवेदन देकर पूर्णकालिक करने की गुहार लगाई गई है। अनुदेशकों को उम्मीद है कि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल करते हुए जल्द निर्णय लेगी।





