नीट परीक्षा के कथित पेपर लीक और दिल्ली तथा पटना में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में गुरुवार को भागलपुर में छात्र राजद और आइसा (AISA) के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) के मुख्य द्वार के समीप आयोजित इस प्रदर्शन में छात्रों ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की तथा विरोध स्वरूप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री के पुतले का दहन किया।
प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उनका कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सरकार को निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों की आवाज दबाने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि नीट पेपर लीक मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए, पूरे मामले में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए तथा प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर की गई पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही तय की जाए। छात्रों ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। पुलिस पूरे कार्यक्रम पर नजर बनाए रही। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और किसी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई।
छात्र संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर वे लगातार आवाज उठाते रहेंगे।
संवाददाता: रजनीश कुमार, भागलपुर







