रोहतास जिले के पतपुरा गांव के रहने वाले मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र सनीश कुमार ने अपनी प्रतिभा से सबको चौंका दिया है। किसान परिवार से आने वाले सनीश ने कबाड़ और पुराने पार्ट्स की मदद से बैटरी चालित मिनी इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर तैयार किया है। खास बात यह है कि इसकी लागत एक बाइक से भी कम है, जबकि बाजार में ऐसे मिनी ट्रैक्टर की कीमत 2.5 से 3 लाख रुपये तक होती है।
सनीश ने बताया कि इस ट्रैक्टर को बनाने में किसी बड़ी कंपनी या आधुनिक लैब की मदद नहीं ली गई। घर और आसपास से जुटाए गए पुराने लोहे, मोटर, पहियों और अन्य कबाड़ के सामान से करीब ढाई महीने की मेहनत में इसे तैयार किया गया। इसकी लिथियम बैटरी भी उन्होंने खुद बनाई है।
यह मिनी ट्रैक्टर सिंगल चार्ज में लगभग 50 किलोमीटर तक चल सकता है। इसमें ट्रॉली लगाने पर यह एक टन तक का वजन खींचने में सक्षम है। संकरी गलियों और खेतों की पगडंडियों पर भी यह आसानी से चल सकता है। ट्रैक्टर में सेल्फ स्टार्ट, एक्सीलरेटर, ब्रेक और हॉर्न जैसी आधुनिक सुविधाएं भी दी गई हैं।
सनीश के मुताबिक, इस ट्रैक्टर को बनाने की प्रेरणा उन्हें अपने किसान पिता सुनील कुमार सिंह से मिली। खेती के दौरान छोटे सामान खेत तक पहुंचाने में होने वाली परेशानी को देखकर उन्होंने इसका समाधान खोजने का फैसला किया। अब यह ट्रैक्टर खाद, बीज और फसल ढुलाई जैसे कार्यों में काफी उपयोगी साबित हो रहा है।
यह सनीश का पहला आविष्कार नहीं है। इससे पहले वह इलेक्ट्रिक बाइक और मिनी थार का मॉडल भी बना चुके हैं। उनका सपना है कि कम लागत वाली ऐसी तकनीक बड़े स्तर पर विकसित हो, ताकि किसानों को सस्ती और पर्यावरण अनुकूल मशीनें मिल सकें। इसके लिए उन्होंने सरकार और निजी कंपनियों से तकनीकी सहयोग व स्पॉन्सरशिप की अपील की है।
सनीश की इस उपलब्धि पर उनके शिक्षक और ग्रामीण गर्व महसूस कर रहे हैं। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि सीमित संसाधनों और मजबूत इच्छाशक्ति के बल पर भी बड़े नवाचार किए जा सकते हैं।








