मोतिहारी में मानव तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। शिकारगंज थाना क्षेत्र से चार नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर नेपाल ले जाकर बेचने की साजिश रची गई थी। पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए चारों बच्चियों को सुरक्षित बरामद कर लिया और मुख्य आरोपी मौलवी अशफाक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने पूछताछ में कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं।
वीओ:
मामला शिकारगंज थाना क्षेत्र का है, जहां 3 जून को चार नाबालिग लड़कियों के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर गठित टीम ने मात्र 36 घंटे के भीतर चारों बच्चियों को ढूंढ निकाला और आरोपी अशफाक को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वर्ष 2022 में नेपाल में पढ़ाई के दौरान उसकी मुलाकात एक ऐसे व्यक्ति से हुई थी, जिसने उसे नाबालिग लड़कियों को नेपाल पहुंचाने के बदले मोटी रकम का लालच दिया था। पढ़ाई पूरी करने के बाद अशफाक ने शिकारगंज के एक मदरसे में नौकरी की और वहीं पढ़ने वाली छात्राओं को अपने जाल में फंसाना शुरू किया।
आरोपी ने प्रेम और बेहतर जिंदगी का झांसा देकर चारों लड़कियों को घर से बाहर बुलाया। उन्हें बस से मोतिहारी और फिर भारत-नेपाल सीमा के पास एक कमरे में रखा गया। पुलिस के अनुसार, चारों बच्चियों को नेपाल में करीब 5 लाख रुपये में बेचने की तैयारी थी। यदि पुलिस की कार्रवाई में थोड़ी भी देरी होती, तो आरोपी उन्हें बॉर्डर पार करा देता।
“चारों बच्चियों का बयान दर्ज कर उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। उस पर अपहरण, पॉक्सो एक्ट और मानव तस्करी की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। नेपाल कनेक्शन और पूरे गिरोह की जांच जारी है।”
फिलहाल पुलिस इस मामले को संगठित मानव तस्करी गिरोह से जोड़कर जांच कर रही है। समय रहते हुई कार्रवाई ने चार मासूम जिंदगियों को बचा लिया, लेकिन इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश अभी जारी है।