गया की आंचल कुमारी आज महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। कभी गृहिणी के रूप में परिवार तक सीमित रहने वाली आंचल ने शादी के करीब दस साल बाद अपना कारोबार शुरू किया और आज लाखों रुपये का व्यवसाय खड़ा कर दिया है। मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना की मदद से उन्होंने मानपुर के रामबाग इलाके में रेडीमेड गारमेंट्स यूनिट स्थापित की, जहां शर्ट, टी-शर्ट, ट्राउजर, ट्रैक सूट, हुडी और अन्य परिधान तैयार किए जाते हैं।
आंचल बताती हैं कि कोरोना काल के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई, जिसके बाद उन्होंने आत्मनिर्भर बनने का फैसला किया। शुरुआत में परिवार को उनके सफल होने पर संदेह था, लेकिन उनकी मेहनत और लगन ने सभी का भरोसा जीत लिया। वर्ष 2023 में योजना के तहत चयन होने के बाद उन्होंने उद्योग की शुरुआत की और आज उनके कारखाने में 22 आधुनिक सिलाई मशीनें संचालित हो रही हैं।
वर्तमान में उनकी यूनिट में सात सिलाई मास्टर, एक कटिंग मास्टर समेत कई कर्मचारी कार्यरत हैं। चार महिलाओं सहित कई लोगों को उन्होंने रोजगार उपलब्ध कराया है। उनके उत्पाद बिहार और झारखंड के अलावा केरल, गुजरात, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक भेजे जा रहे हैं। शुरुआती वर्षों में ही उनका वार्षिक टर्नओवर 25 से 30 लाख रुपये तक पहुंच गया है और इस वर्ष इसमें और वृद्धि की उम्मीद है।
आंचल अपनी सफलता का श्रेय पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महिला उद्यमी योजना को देती हैं। उनका कहना है कि इस योजना ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है। उनके पति रंजन कुमार भी इस सफलता में सहयोगी रहे और हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया।
आंचल केवल कारोबार ही नहीं कर रहीं, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर छात्राओं और महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण भी दे रही हैं। कई छात्राएं पढ़ाई के साथ उनकी यूनिट में पार्ट-टाइम काम कर रही हैं, जिससे उनकी शिक्षा जारी रखने में मदद मिल रही है।
आंचल का सपना भविष्य में 100 से अधिक महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराना है। उनकी सफलता यह साबित करती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, परिवार का सहयोग और सही अवसर मिलने पर महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बन सकती हैं, बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार के नए रास्ते खोल सकती हैं।