
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में भागलपुर में विजिलेंस टीम ने बिजली विभाग के दो कर्मचारियों को नया बिजली कनेक्शन चालू कराने के नाम पर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद बिजली विभाग में हड़कंप मच गया।
यह कार्रवाई तिलकामांझी चौक स्थित कचहरी बिजली उपकेंद्र में की गई। गिरफ्तार किए गए कर्मचारियों में कनिष्ठ अभियंता (JE) अमित कुमार और तकनीशियन सौरभ कुमार शामिल हैं। दोनों पर नया बिजली कनेक्शन चालू करने के एवज में चार हजार रुपये रिश्वत मांगने और लेने का आरोप है।
जानकारी के अनुसार, बरारी थाना क्षेत्र के खंजरपुर निवासी संतोष कुमार ने नया बिजली कनेक्शन लेने के लिए आवेदन किया था। विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद उनका कनेक्शन चालू नहीं किया जा रहा था। आरोप है कि संबंधित कर्मचारियों ने कनेक्शन सक्रिय करने के बदले चार हजार रुपये की मांग की।
रिश्वत की मांग से परेशान संतोष कुमार ने इसकी शिकायत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से की। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने पहले पूरे मामले का सत्यापन किया। आरोप सही पाए जाने पर विशेष टीम ने जाल बिछाया और निर्धारित योजना के तहत रिश्वत लेते समय दोनों कर्मचारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की पूरी राशि भी बरामद कर ली गई।
विजिलेंस अधिकारियों ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
इस कार्रवाई के बाद बिजली विभाग में हड़कंप का माहौल है। विजिलेंस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी सेवाओं के बदले रिश्वत मांगने या लेने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी अवैध रूप से पैसे की मांग करता है तो उसकी शिकायत संबंधित एजेंसी से करें।





