
नारायणपुर (जामताड़ा): जामताड़ा जिले के नारायणपुर प्रखंड अंतर्गत चम्पापुर गांव में मंगलवार को वन्यजीव संरक्षण की एक प्रेरणादायक मिसाल देखने को मिली। गांव में भटककर पहुंचे एक भूरे हिरण को ग्रामीणों ने न केवल सुरक्षित रखा, बल्कि उसकी सूचना तुरंत वन विभाग को देकर संवेदनशीलता और जागरूकता का परिचय दिया। ग्रामीणों की सतर्कता और वन विभाग की त्वरित कार्रवाई के कारण हिरण को सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर उसके प्राकृतिक आवास यानी जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह जैसे ही चम्पापुर गांव में हिरण के देखे जाने की खबर फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। हालांकि भीड़ जुटने के बावजूद किसी ने भी हिरण को नुकसान पहुंचाने या पकड़ने की कोशिश नहीं की। ग्रामीणों ने हिरण को सुरक्षित दूरी से घेरकर रखा ताकि वह किसी दुर्घटना का शिकार न हो और तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम बिना देर किए गांव पहुंची। टीम में शामिल वनकर्मी सपन कुमार पंडित, चंदन मंडल, राजेश सोरेन और हरि राय ने पूरी सावधानी और सूझबूझ के साथ हिरण का रेस्क्यू किया। स्वास्थ्य की प्राथमिक जांच के बाद हिरण को उसके प्राकृतिक वातावरण के अनुकूल सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया। वन विभाग की इस त्वरित कार्रवाई की ग्रामीणों ने सराहना की।
ग्रामीणों का कहना है कि लगातार जंगलों की कटाई, वन क्षेत्र में कमी और प्राकृतिक आवास के सिकुड़ने के कारण जंगली जानवर भोजन और पानी की तलाश में आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आने को मजबूर हो रहे हैं। ऐसे में वन संरक्षण और व्यापक स्तर पर पौधारोपण की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।
वन विभाग ने भी लोगों से अपील की कि यदि कोई जंगली जानवर गांव या आबादी वाले क्षेत्र में दिखाई दे तो उसे नुकसान पहुंचाने के बजाय तत्काल विभाग को सूचना दें। इससे वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी और मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में भी कमी आएगी।
चम्पापुर गांव के ग्रामीणों की जागरूकता और वन विभाग के समन्वित प्रयास ने यह साबित कर दिया कि समाज और प्रशासन मिलकर वन्यजीव संरक्षण की दिशा में प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं।





