आस्था की मिसाल: 160 किमी की साष्टांग दंडी यात्रा पर निकले बंगाल के शिवभक्त कुणाल, नाला में हुआ भव्य स्वागत

 

सावन में शिवभक्ति का अद्भुत दृश्य, मानव कल्याण के लिए कर रहे हैं बाबा बैद्यनाथ धाम तक की कठिन यात्रा

सावन के पवित्र महीने में आस्था और संकल्प की एक अद्भुत मिसाल देखने को मिल रही है। पश्चिम बंगाल के केंन्दरा गांव निवासी 20 वर्षीय शिवभक्त कुणाल बाद्यकर साष्टांग दंडी देते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम देवघर की ओर बढ़ रहे हैं। उनकी इस कठिन तपस्या को देखकर हर कोई नतमस्तक हो रहा है।

 

मंगलवार को उनकी इस पवित्र पदयात्रा का 11वां दिन था। पश्चिम बंगाल-झारखंड की सीमा पार करते हुए वे अफजलपुर होते हुए नाला प्रखंड के चालेपाड़ा मोड़ पहुंचे। जैसे ही वे नाला के बजरंगबली चौक पहुंचे, वहां पहले से मौजूद सैकड़ों श्रद्धालुओं ने फूल-माला, जयकारों और हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ उनका भव्य स्वागत किया।

 

इस दौरान ग्रामीणों में जबरदस्त उत्साह देखा गया। जगह-जगह लोग उन्हें दंडी प्रणाम कर उनकी हौसला अफजाई कर रहे थे। नाला में ग्रामीण महिलाओं ने उन्हें शरबत और फल खिलाकर उनका सत्कार किया और उनके संकल्प को सलाम किया।

 

दंडी यात्रा कर रहे कुणाल ने बताया कि यह यात्रा वह किसी निजी स्वार्थ के लिए नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “यह यात्रा पूरे मानव जगत के कल्याण, सुख-समृद्धि और अमन-चैन के लिए समर्पित है। मैं बाबा बैद्यनाथ को जलाभिषेक करने जा रहा हूं। इस कठिन यात्रा में शरीर जरूर थकता है, लेकिन जैसे ही बाबा का नाम लेता हूं, शरीर में नई ऊर्जा आ जाती है। मेरी यही मन्नत है कि देश-दुनिया में शांति बनी रहे।”

 

कुणाल ने बताया कि वह मंगलवार रात नाला में ही रात्रि विश्राम करेंगे और बुधवार सुबह सीतामुढ़ी के रास्ते देवघर के लिए आगे प्रस्थान करेंगे। पश्चिम बंगाल के केंन्दरा से बाबा नगरी देवघर तक उनकी इस साष्टांग दंडी यात्रा की कुल दूरी लगभग 160 किलोमीटर है।

 

बाबा नगरी की ओर बढ़ते इस युवा शिवभक्त की अटूट आस्था और कठिन साधना इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। रास्ते भर शिवभक्त और आम ग्रामीण उनके इस जज्बे को देखकर उनकी मदद के लिए आगे आ रहे हैं।

 

संवाददाता: संतोष कुमार, जामताड़ा

Related Posts

जामताड़ा में जनता दरबार: डीसी ने सुनीं 50 से अधिक फरियादें, कई मामलों का मौके पर हुआ समाधान

जामताड़ा: आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जामताड़ा के उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार ने मंगलवार को समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में…

ग्रामीणों की सजगता से बची हिरण की जान, वन विभाग ने सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा

नारायणपुर (जामताड़ा): जामताड़ा जिले के नारायणपुर प्रखंड अंतर्गत चम्पापुर गांव में मंगलवार को वन्यजीव संरक्षण की एक प्रेरणादायक मिसाल देखने को मिली। गांव में भटककर पहुंचे एक भूरे हिरण को…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *